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उत्तराखंड में एक बंदर का 'बदलापुर'

Wed, 08 Apr 2015 08:24 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, हल्द्वानी
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आमतौर पर आपने कुत्ते की वफादारी के मामले ज्यादा सुने हैं। बंदर भी वफादारी में पीछे नहीं रहते हैं।
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मालिक जब मुश्किल में हो तो वह कुछ भी कर गुजरते हैं। ऐसा ही वाकया शनिवार को हल्द्वानी के रोडवेज बस अड्डे के पास देखने को मिला। बंदर का खेल दिखाकर रोजी-रोटी कमाने वाले राजू पर जब एक युवक ने हमला किया तो उसके बंदर का पारा चढ़ गया।

उसने बदला लेने को युवक पर छलांग लगाने के साथ ही झपट्टा मार दिया। युवक बंदर का रौद्र रूप देखकर भागकर एक दुकान में छिप गया। बंदर तो मानने वाला नहीं था, उसने दुकान के बाहर खूब उछलकूद मचाई।
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इससे लोगों का मजमा लग गया। इसी दौरान सीएम की फ्लीट आने वाली थी, इससे पुलिस कर्मियों के हाथ पांव फूल गए। बाद में पुलिस कर्मियों ने जैसे तैसे स्थिति को काबू में किया।
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बंदर ने निभाई वफादारी

बरेली इज्जतनगर रेलवे स्टेशन पर रहने वाला राजू अपने बंदर को लेकर रोडवेज परिसर में तमाशा दिखा रहा था। इसी बीच एक युवक से राजू की बहस हो गई। युवक ने राजू को पीट दिया। मालिक की आंखों से आंसू देख वफादार बंदर गुर्राता हुआ युवक की ओर दौड़ा।

युवक सड़क पार कर करीब सौ मीटर दूर एक दुकान में छिप गया, जहां बंदर ने उसे घेर लिया। इस बीच दुकानदारों ने राजू को बंदर पकड़ने को कहा। राजू अपने घाव दिखाते रोने लगा। राजू ने कहा कि बंदर ने वफादारी निभाई है। हमलावर ने दुकान में छिपकर बचाई जान।

चंपा अब बन गई सबकी ‘दोस्त’
चंपा इधर उधर कूदती फांदती रहती है। कोई उसे छेड़े तब भी वह किसी को नुकसान नहीं पहुंचाती। क्योंकि अब वह सभी की दोस्त जो बन गई है। यह कोई महिला नहीं बल्कि एक बंदरिया है जो कि लोगों की अच्छी मित्र है।

मंडी में कई वर्षों से एक बंदरिया रह रही है जिसे दुकानदार चंपा नाम से पुकारते हैं। इस बंदरिया का एक हाथ भी नहीं है। लोगों का कहना है कि मंडी में जब भी भंडारा होता है तो चंपा भी उन लोगों के साथ प्रसाद ग्रहण करती है। हनुमान जयंती पर भी चंपा ने लोगों के साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण किया।
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