मले के अनुसार 13 सितंबर 1992 को गाजियाबाद के विधायक महेंद्र भाटी की हत्या का आरोप डीपी यादव, परनीत भाटी, करन यादव व पाल सिंह उर्फ लक्कड़ पाल पर लगा था।
नैनीताल हाईकोर्ट ने गाजियाबाद के विधायक महेंद्र भाटी हत्याकांड मामले में सीबीआई देहरादून की कोर्ट से मिली आजीवन कारावास के आदेश को निरस्त करते हुए साक्ष्य के अभाव में अभियुक्त करन यादव को भी दोषमुक्त कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि ट्रायल के दौरान सीबीआई इनके खिलाफ पर्याप्त सबूत जुटाने में असमर्थ रही, जो भी सबूत जुटाए गए थे उनमें भी विरोधाभास रहा है।
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मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार 13 सितंबर 1992 को गाजियाबाद के विधायक महेंद्र भाटी की हत्या का आरोप डीपी यादव, परनीत भाटी, करन यादव व पाल सिंह उर्फ लक्कड़ पाल पर लगा था। 15 फरवरी 2015 को देहरादून की सीबीआई कोर्ट ने चारों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनवाई थी। इस आदेश को चारों अभियुक्तों द्वारा हाई कोर्ट में अलग अलग अपील दायर कर चुनौती दी थी।
पाल सिंह भी हाल ही में हुआ दोषमुक्त
नैनीताल हाईकोर्ट ने हाल ही में पाल सिंह उर्फ लक्कड़ पाल उर्फ हरपाल सिंह को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया था। इस मामले में मुख्य आरोपी यूपी के बाहुबली नेता पूर्व सांसद डीपी यादव को अदालत पहले ही बरी कर चुकी है।