श्री तुलसी मानस मंदिर के परमाध्यक्ष एवं श्रीपंच दशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी अर्जुन पुरी ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ब्रह्मलीन श्रीमहंत नरेंद्र गिरि को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
उन्होंने कहा कि श्रीमहंत नरेंद्र गिरि का आकस्मिक निधन संपूर्ण संत समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। ब्रह्मलीन श्रीमहंत नरेंद्र गिरि गो, गंगा और गायत्री के प्रबल समर्थक थे। जिन्होंने संपूर्ण जीवन भारतीय संस्कृति एवं सनातन धर्म के प्रचार प्रसार के लिए समर्पित किया। राष्ट्र निर्माण में उनका अतुल्य योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। स्वामी अर्जुन पुरी ने कहा कि श्रीमहंत नरेंद्र गिरि कुशल नेतृत्व के धनी संत थे।
श्री चेतन ज्योति आश्रम के परमाध्यक्ष महंत स्वामी ऋषिश्वरानंद ने कहा कि ब्रह्मलीन श्रीमहंत नरेंद्र गिरि महान संत थे। सदैव युवा पीढ़ी को संस्कारवान बनाकर धर्म एवं संस्कृति की रक्षा के लिए प्रेरित किया। महामंडलेश्वर स्वामी कपिल मुनि एवं बाबा हठयोगी ने कहा कि ब्रह्मलीन श्रीमहंत नरेंद्र गिरि दिव्य महापुरुष थे।