लखवाड़ परियोजना के तहत देहरादून जिले के लोहारी गांव के निकट यमुना नदी पर 204 मीटर ऊंचा कंक्रीट का बांध बनेगा। बांध की जल संग्रहण क्षमता 330.66 मिलियन क्यूबिक मीटर होगी। इससे 33,780 हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई की जा सकेगी। यमुना बेसिन क्षेत्र वाले छह राज्यों में घरेलू एवं औद्योगिक इस्तेमाल और पीने के लिए 78.83 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी उपलब्ध कराया जा सकेगा।
इस परियोजना से 300 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। इस परियोजना के निर्माण का कार्य उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड करेगा। लखवाड़ परियोजना न केवल पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी, बल्कि इससे सभी छह राज्यों में सिंचाई, बिजली उत्पादन और पेयजल की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
यह परियोजना 1992 से रुकी हुई है। हमारी सरकार ने इस दिशा में कोशिशें शुरू की, जिसके बाद इसकी राह की सभी अड़चनें दूर हो गई हैं। अब केवल कैबिनेट में पास होना है। खास बात यह भी है कि उत्तराखंड, इस परियोजना पर अपने हिस्से का काफी खर्च पहले ही कर चुका है।
-डॉ. हरक सिंह रावत, ऊर्जा मंत्री