मंदिर परिसर में स्थापित है कामदेव को भस्म करने वाला त्रिशूल
यहां मंदिर परिसर में पांच मीटर लंबा त्रिशूल भी स्थापित है, जो श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहता है। मान्यता है कि भगवान शिव ने कामदेव को इसी त्रिशूल से भस्म किया था। इस त्रिशूल को पूरे हाथ के बल से हिलाया नहीं जा सकता है, लेकिन हाथ की छोटी उंगली से स्पर्श करने पर त्रिशूल हिलने लगता है। मंदिर परिसर में चारों तरफ दीवारों पर कुछ मंत्र लिखे हुए हैं ऐसा माना जाता है कि यह मंत्र जब इस मंदिर का निर्माण हुआ था तब ही लिखे गए हैं।