राजधानी देहरादून में गैस एजेंसियों की बढ़ती शिकायतों और रोज हो रहे हो-हल्ले एवं हंगामे के बाद जिला पूर्ति विभाग की नींद खुल ही गई। विभाग की एक टीम ने पटेलनगर और निरंजनपुर में दो गैस एजेंसियों पर छापे मारे।
इस दौरान इन्हें कई शिकायतों के अलावा गड़बड़ियां भी मिलीं। एजेंसियों के गोदामों में गैस सिलेंडर रखे मिले लेकिन एजेंसियां ग्राहकों से बैकलॉग का बहाना बता रही हैं।
शासन के आदेश पर सोमवार दोपहर जिला पूर्ति अधिकारी श्याम आर्य, वरिष्ठ पूर्ति निरीक्षक आरएन भट्ट, पूर्ति निरीक्षक अजय पाल रावत और विजय नैथानी पटेलनगर स्थित चुग गैस सर्विस पर पहुंचे।
टीम ने एजेंसी में मौजूद ग्राहकों से जानकारी ली। इसके बाद स्टॉक की सूचना मांगी। स्टाक रिकार्ड देने में एजेंसी संचालक विनेश मित्तल घबरा गए। हालांकि यहां स्टॉक पूरा मिला, लेकिन एजेंसी कार्यालय से गैस वितरित करने पर टीम ने टोका।
सिलेंडरों का स्टॉक चेक करने के साथ ही टीम ने अग्निशमन उपकरणों के नवीनीकरण और लाइसेंस के कागज भी जांचे। इसके बाद टीम मंडी स्थित सत्यशील गैस एजेंसी के कागज खंगाले। एजेंसी के गोदाम के स्टॉक की भी जांच की गई।
यहां पर कुछ सिलेंडर कम मिले। संचालक दीपक बड़थ्वाल ने बताया कि खाली सिलेंडर वैली गैस एजेंसी को दिए गए हैं, जिन्हें हरिद्वार प्लांट के लिए भेजना था। एजेंसी कार्यालय से गैस वितरित करने पर तेल कंपनी को शिकायत पत्र भेजा जा रहा है।
साहब पहुंचे तो, शुरू हुई शिकायत
छापामारी के दौरान एजेंसियों पर जुटी भीड़ देख पूर्ति विभाग को होम डिलीवरी की हकीकत पता चली। अफसरों को देख लोग शिकायतें करने लगे। चुग एजेंसी में कई लोग सिलेंडर लेने आए थे, लेकिन एजेंसी कर्मियों का रवैया अड़ियल बना था।
पूर्ति विभाग की टीम के आते ही एजेंसी कर्मी खुद बाहर आ गए और लोगों की समस्या हल करने का दिखावा करने लगे। गांधी ग्राम के एक युवक ने बताया कि एक हफ्ते पहले फोन पर गैस बुक कराई थी। सिलेंडर नहीं मिला।
एक बुजुर्ग ने जनवरी में गैस बुक होने की बात कही। डीएसओ के आने पर एजेंसी संचालक ने खुद उन्हें पर्ची काटकर दी। लोगों ने एजेंसी कर्मियों पर अभद्रता का आरोप लगाया।
इस दौरान होम डिलीवरी नहीं होने के बारे में पूछा गया तो संचालक ने गाड़ी खराब होने की बात कही। एजेंसी से सिलेंडर बांटने के बावजूद होम डिलीवरी का चार्ज लेने पर भी डीएसओ ने नाराजगी जताई। इसके बाद 420 रुपये में सिलेंडर दिए गए। इससे पहले प्रति सिलेंडर 434 रुपये लिए जा रहे थे।
गोदाम में मिले 300 सिलेंडर
चुग गैस सर्विस के कार्यालय के बाहर एक पर्ची पर 24 और 25 तारीख की बुकिंग वालों को ही गैस देने का निर्देश लिखा था। जबकि गोदाम में तीन सौ से अधिक भरे सिलेंडर मिले। बहादराबाद से एक लोड सिलेंडर भी आया था, लेकिन इसकी रिसीविंग नहीं हो सकी थी। सिलेंडर होने के बावजूद बैकलॉग दिखाए जाने पर विभागीय अधिकारियों ने हैरानी जताई।