सोमवार को सरकारी अस्पताल दून अस्पताल के अलावा कोरोनेशन व गांधी शताब्दी जैसे अस्पतालों की ओपीड़ी में मरीजोें जबरदस्त भीड़ उमड़ी। बड़ी संख्या में मरीजों के आने से कई मरीजों और तीमारदारों को बैरंग लौटना पड़ा। तीनों अस्पतालों मेें मरीजों की भारी भीड़ के चलते इलाज कराने को लेकर मारामारी की स्थिति रही। ऐसे में डॉक्टरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि स्वास्थ्यकर्मियों ने स्थिति संभाल ली।
सबसे अधिक परेशानी दून अस्पताल में हुई। कई दिन बाद अस्पताल खुलने व डॉक्टरों की मौजूदगी के चलते बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे थे। अस्पतालों के आंकड़ों के मुताबिक सोमवार को अस्पताल में कुल 3500 मरीजों का पंजीकरण कराने के साथ ही उनकी जांच की गई। दो हजार से अधिक मरीजों का पैथालॉजी जांच की गई। हालांकि कई ऐसे मरीज रहे जिन्हें पंजीकरण कराने के बाद बिना इलाज कराए लौटना पड़ा। दून अस्पताल के सीएमएस डॉ. केसी पंत ने बताया कि सोमवार को अस्पताल में 120 गंभीर मरीजों को भर्ती भी किया गया जिनका इलाज किया जा रहा है। कई दिन बाद अस्पताल खुलने की वजह से मरीजों की भारी भीड़ रही। इसकी वजह से थोड़ी दिक्कतें आईं, लेकिन स्थिति नियंत्रित में रही।
वहीं कोरोनेशन व गांधी शताब्दी अस्पताल में सामान्य दिनों की तुलना में डेढ़ गुना अधिक मरीज इलाज कराने पहुंचे। सीएमएस डॉ. शिखा जंगपागी ने बताया कि कोरोनेशन अस्पताल में सोमवार को 475 मरीज पहुंचे। सामान्य दिनों में अस्पताल में 300 मरीज आते हैं। कमोवेश यही स्थिति गांधी शताब्दी अस्पताल में रही। सीएसएस डॉ. केके टम्टा व सीएमएस डॉ. बीसी रमोला का कहना है कि एक दो दिन में स्थितियों को सामान्य कर लिया जाएगा।