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देवघर रोपवे हादसे से सबक: हर छह महीने में उत्तराखंड के सभी रोपवे की होगी जांच, नई एसओपी तैयार करेगी सरकार

Tue, 19 Apr 2022 03:47 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

उत्तराखंड में रोपवे सेफ्टी ऑडिट के लिए सरकार जल्द ही नई एसओपी तैयार करेगी। जिसमें रोपवे के संचालन और सुरक्षा मानकों को सख्त किया जाएगा। झारखंड के देवघर में हुए रोपवे हादसे के बाद राज्य सरकार भी रोपवे की सुरक्षा को सरकार अब प्रत्येक छह महीने में निरीक्षण करेगी।
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बैठक लेते मुख्य सचिव डॉ.एसएस संधू - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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झारखंड के देवघर में हुए रोपवे हादसे के बाद सुरक्षा को लेकर प्रदेश सरकार गंभीर हो गई है। अब प्रदेश में संचालित सभी रोपवे में सुरक्षा मानकों की प्रत्येक छह महीने में जांच होगी। मुख्य सचिव डॉ.एसएस संधू ने ब्रिडकुल के अध्यक्ष एवं प्रमुख सचिव आरके सुधांशु को रोपवे का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।

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झारखंड के देवघर में हुए रोपवे हादसे के बाद राज्य सरकार भी रोपवे की सुरक्षा को सरकार अब प्रत्येक छह महीने में निरीक्षण करेगी। जिसमें यह देखा जाएगा कि रोपवे में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं। प्रदेश में रोपवे सेफ्टी आडिट के लिए सरकार जल्द ही नई एसओपी तैयार करेगी। जिसमें रोपवे के संचालन और सुरक्षा मानकों को सख्त किया जाएगा।

वर्तमान में प्रदेश के छह स्थानों पर रोपवे हैं। इसमें औली, मसूरी, चंडी देवी, मंसा देवी, नैनीताल और सहस्त्रधारा में रोपवे चल रहे हैं। इसके अलावा छह अन्य स्थानों पर रोपवे का निर्माण प्रस्तावित है। प्रदेश में रोपवे संचालन के लिए पहले से रोपवे सेफ्टी आडिट के नियम बने हैं। इसमें रोपवे के लिए लाइसेंस व्यवस्था, संचालन में सुरक्षा मानक निर्धारित हैं।

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सरकार का रोपवे निर्माण पर फोकस

देवधर रोपवे हादसे के बाद गृह मंत्रालय की ओर से भी सुरक्षा मानकों के लेकर राज्यों को दिशा-निर्देश दिए गए। इसके तहत अब प्रदेश सरकार भी रोपवे सेफ्टी ऑडिट के लिए नई एसओपी (मानक परिचालन प्रक्रिया) तैयार करने जा रही है। जिसमें रोपवे यात्रियों की सुरक्षा के लिए नियम सख्त किए जाएंगे।

ब्रिडकुल अध्यक्ष एवं प्रमुख सचिव आरके सुधांशु का कहना है कि मुख्य सचिव की ओर से दिए निर्देशों का पालन किया जाएगा। रोपवे संचालन के पहले से एक्ट बना हुआ है, लेकिन रोपवे सेफ्टी आडिट के लिए नई एसओपी तैयार की जाएगी। 

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प्रदेश के पर्यटन और धार्मिक स्थल पर पर्यटकों व यात्रियों को आसानी से पहुंचने के लिए सरकार रोपवे निर्माण पर फोकस है। इसके लिए सरकार की ओर से कई स्थानों को रोपवे से जोड़ने की योजना है। जिसमें देहरादून से मसूरी, ऋषिकेश नीलकंठ, केदारनाथ, खरशाली से यमुनोत्री शामिल हैं।
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