सात डिवीजन में 100 से अधिक गुलदार
अल्मोड़ा वन प्रभाग में 272, गढ़वाल वन प्रभाग में 232, चंपावत वन प्रभाग में 169, नैनीताल वन प्रभाग में 134, नरेंद्र नगर डिवीजन में 129 टिहरी वन प्रभाग में 145 हैं। जबकि नंदा देवी नेशनल पार्क व गोविंद नेशनल पार्क में 1-1 और गंगोत्री नेशनल पार्क में 2, विनसर वन्य जीव प्रभाग में 3, कालसी में 4, नंदादेवी बायोस्पेयर रिजर्व में 5 गुलदार हैं।
रुद्रप्रयाग में वन्य जीवों की संख्या
रुद्रप्रयाग वन प्रभाग में 117 गुलदार हैं। इसके अलावा 584 भारतीय काकड़, 135 हिमालयन घुरड़, 32 सांभर, 49 जंगली सूअर और 13 भालू हैं। जबकि केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग सेंचुरी क्षेत्र में 55 गुलदार, 465 भारतीय काकड़, 167 हिमालयन घुरड़, 37 सांभर, 32 जंगली सूअर और 14 एशियाई काला भालू हैं। वहीं नाॅन सेंचुरी क्षेत्र में 21 गुलदार, 319 काकड़, 49 घुरड़, 67 सांभर, 13 जंगली सूअर और 9 भालू हैं।
उत्तराखंड में सबसे अधिक काकड़
उत्तराखंड राज्य के 13 जनपदों के विभिन्न वन प्रभाग व वन्य जीव प्रभाग में सबसे अधिक 10212 भारतीय काकड़ पाए गए हैं। सबसे अधिक पिथौरागढ़ में 1133 और सबसे कम कालसी में एक भारतीय काकड़ मिला है। इसके अलावा प्रदेश में 3314 हिमालय घुरड़, 3915 सांभर, 1005 जंगली सूअर और 325 एशियाई काला भालू है।
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भारतीय वन्य जीव संस्थान ने मध्य हिमालय क्षेत्र में समुद्रतल से 1000 से 3500 मीटर ऊंचाई क्षेत्र में वन्य जीवों की गणना विभिन्न माध्यम से की थी, जिसके आंकड़े जारी किए गए हैं। पूरे प्रदेश में 2276 गुलदार पाए गए हैं। रुद्रप्रयाग वन प्रभाग और केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग नॉन सेंचुरी क्षेत्र में कुल 138 गुलदार हैं। अन्य जीवों की संख्या भी अच्छी है। - अभिमन्यु सिंह, डीएफओ रुद्रप्रयाग वन प्रभाग एवं केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग गोपेश्वर