हाईकोर्ट ने हल्द्वानी में शुक्रवार को पत्रकारों पर हुए लाठीचार्ज पर नाराजगी जताते हुए डीआईजी को निर्देश दिए हैं कि पत्रकारों को समुचित सुरक्षा दी जाए। कोर्ट ने यह भी पूछा कि ऐसी नौबत क्यों आई कि पत्रकारों पर लाठीचार्ज करना पड़ा।
पुलिस को 4 दिसंबर को कोर्ट में इस सवाल का जवाब देना होगा। एक्टिंग चीफ जस्टिस वीके बिष्ट एवं न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
याचिका पर हुई सुनवाई
हाईकोर्ट की वकील लता नेगी ने घटना के तुरंत बाद हाईकोर्ट में इस प्रकरण को खंडपीठ के समक्ष उठाया तथा इस पर कार्यवाही की मांग की।
कहा कि हल्द्वानी में अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के मामले में शुक्रवार को मीडिया कर्मी जब रिर्पोटिंग कर रहे थे तब मुख्यमंत्री के मौके से रवाना होते ही पुलिस ने पत्रकारों पर लाठीचार्ज कर दिया जिसमें कई पत्रकार, नन्ही बालिका और अन्य लोग घायल हो गए। इनमें एक पत्रकार को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
डीआईजी को दिया निर्देश
कोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए इस घटना पर नाराजगी जताई और शासकीय अधिवक्ता केएस रौतेला के माध्यम से डीआईजी को निर्देश दिए कि पत्रकारों को समुचित सुरक्षा दी जाए और यह बताएं कि पत्रकारों पर लाठीचार्ज क्यों किया।
मासूम के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के मामले में पूर्व में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान 4 दिसंबर को पुलिस को इस सवाल का जवाब भी देना होगा।