उत्तराखंड के आठवें मुख्यमंत्री हरीश रावत पार्टी के अंदरूनी विरोध पर जीत हासिल करते हुए यह पद हासिल किया है। हरीश रावत को राजनीति में उस समय बड़ी पहचान मिली जब उन्होंने 1980 में बीजेपी के मुरली मनोहर जोशी को हराया था।
हरीश रावत मुख्यमंत्री बनने से पहले हरिद्वार से सांसद रह चुके हैं। यही नहीं राज्यसभा में भी वो उत्तराखंड का प्रतिनिधत्व कर चुके हैं।
प्रोफाइल
हरीश रावत का जन्म 27 अप्रैल 1947 को अलमोड़ा जिले के मोहानारी गांव में एक राजपूत परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम राजेंद्र सिंह रावत और मां का नाम देवकी देवी है।
राजनीति में आने से पहले हरीश रावत ने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीए किया और फिर एलएलबी की डिग्री हासिल की है।
राजनीतिक सफर
हरीश रावत ने सबसे पहले गांव के स्तर से राजनीति शुरु की और फिर युवा कांग्रेस से जुड़ गए। हरीश रावत वर्ष 1980 तक कांग्रेस सेवा कमान के अध्यक्ष रहे। वर्ष 2000 में हरीश रावत को उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष चुना गया। 2002 में रावत को राज्यसभा का सदस्य चुना गया।
2009 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने अपनी परंपरागत क्षेत्र अलमोड़ा को छोड़कर हरिद्वार से चुनाव लड़ा और 3 लाख 32 हजार 55 मतों से विजयी हुए।
1980-84: सातवें लोकसभा चुनाव में जीत हसिल कर संसद पहुंचे। 1984-89: 8वें लोकसभा चुनाव में फिर से लोकसभा सदस्य चुने गए। 1989: 9वें लोकसभा चुनाव में लगातार तीसरी बार लोकसभा सदस्य चुने गए। 23 मार्च1990: कमेटी ऑन ऑफिसयल लैंग्वेज के सदस्य चुने गए। 1990: जनसंचार मंत्रालय के कमेटी में सदस्य चुने गए। 2001-2007: उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष रहे। 2002: राज्यसभा के लिये चुने गए। 2009: 15वें लोकसभा चुनाव में चौथी बार लोकसभा सदस्य चुने गए। 2009- 18 जनवरी 2011: राज्य मंत्री चुने गए। 28 अक्टूबर 2012 से 31 जनवरी 2014: यूनियन कैबिनेट मिनिस्टर।