लेकिन, शाम ढलते ही फिर से पारा माइनस में चला जाता है। इसके कारण यहां पेजयल लाइनों और टंकी का पानी भी जम रहा है। ऐसे में पीने का पानी भी जुटाना मुश्किल हो रहा है। इन हालातों में मजदूरों को कार्य करने में काफी दिक्कत हो रही है। कड़ाके की ठंड के कारण, पुनर्निर्माण के तहत पत्थर, सीमेंट से जुड़े सभी कार्य पूरी तरह से बंद कर दिए गए हैं।
इन दिनों केवल निर्माणाधीन भवनों के कमरों के अंदर का ही काम चल रहा है, यह भी दिनभर में तीन से चार घंटे ही हो पा रहा है। इसके चलते 150 मजदूर लौट चुके हैं। अगर इसी तरह ठंड पड़ती रही तो साल के आखिर दिनों या जनवरी पहले सप्ताह तक यहां रह रहे अन्य मजदूर भी लौट सकते हैं। संवाद
केदारनाथ में लगातार ठंड बढ़ रही है, जिससे काम कराना मुश्किल हो रहा है। हमारे 150 मजदूर वापस लौट चुके हैं। धाम में लगभग एक सौ मजदूर हैं, जो निर्माणाधीन भवनों के अंदर खिड़की, दरवाजों पर जाले लगाने सहित अन्य काम ही कर पा रहे हैंं।
-विनय झिक्वांण, अधिशासी अभियंता जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण-लोनिवि गुप्तकाशी, केदारनाथ