29 स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया था हाईवे
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि आपदा के कारण गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग 29 स्थानों पर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। एक अगस्त से क्षतिग्रस्त रास्ते के सुधारीकरण का कार्य शुरू कर दिया था। लोक निर्माण विभाग ने 270 मजदूरों को लगाकर 25 दिन की मशक्कत के बाद पैदल रास्ता आवाजाही लायक बनाया है। उन्होंने बताया कि डीएम सौरभ गहरवार के मार्गदर्शन में सुरक्षित पैदल यात्रा के लिए पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड-राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच पांच किमी क्षेत्र में क्षतिग्रस्त हुई सड़क को ठीक करने का काम तेजी से चल रहा है।