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कारगिलः उत्तराखंड ने दी सबसे ज्यादा शहादत

Sun, 27 Jul 2014 02:05 AM IST
अरुणेश पठानिया/अमर उजाला, देहरादून
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कारगिल युद्ध में उत्तराखंड के सर्वाधिक रणबांकुरों ने दुश्मन को देश की सरहद से बाहर खदेड़ते हुए अपने प्राणों को न्यौछावर किया। राज्य के 75 रणबांकुरें कारगिल युद्ध में शहीद हुए।
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राज्य के 30 सैनिकों को उनके अदम्य साहस के लिए वीरता पदकों से अलंकृत किया। राज्य की कुमाऊं और गढ़वाल रेजिमेंट ने कारगिल युद्ध में दुश्मन को मार भगाने में अहम योगदान दिया है। गढवाल रेजिमेंट के 54 सैनिक शहीद हुए थे।

कारगिल युद्ध में भाग लेने वाली लगभग हर रेजिमेंट में उत्तराखंड के बहादुर सैनिक शामिल थे। भारतीय सेना ने 524 सैनिकों को खोया तो वहीं 1363 गंभीर रूप से घायल हुए। पाकिस्तानी सेना के लगभग चार हजार सैन्य बलों के जवान मारे गए।
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उत्तराखंड के ये सपूत बने नायक

कारगिल युद्ध में जिलावार शहीद
देहरादून- 14
अल्मोड़ा- 3
बागेश्वर- 3
चमोली- 7
चंपावत-
लैंसडौन- 10
नैनीताल- 5
पौड़ी- 3
पिथौरागढ़- 4
रुद्रप्रयाग- 3
टिहरी- 11
उधम सिंह नगर- 2
उत्तरकाशी- 1


पदक से अलंकृत सैनिक
मेजर विवेक गुप्ता - महावीर चक्र
मेजर राजेश सिंह भंडारी- महावीर चक्र
नाइक ब्रिजमोहन सिंह - वीर चक्र
नाइक कश्मीर सिंह - वीर चक्र
ग्रुप कैप्टन एके सिन्हा - वीर चक्र
आनरेरी कैप्टन खुशीमन गुरुंग - वीरचक्र
राइफलमैन कुलदीप सिंह - वीर चक्र
लेफ्टिनेंट गौतम गुरुंग - सेना मेडल
सिपाही चंदन सिंह - सेना मेडल
लांस नाइक देवेंद्र प्रसाद - सेना मेडल
नाइक शिव सिंह - सेना मेडल
नायक जगत सिंह - सेना मेडल
राइफलमैन ढब्बल सिंह - सेना मेडल
लांस नाइक सुरमन सिंह - सेना मेडल
आनरेरी कैप्टन ए हेनी माओ - सेना मेडल
आनरेरी कैप्टन चंद्र सिंह - सेना मेडल

रेजीमेंटों में उत्तराखंड के शहीद
गढ़वाल राइफल- 54
नागा रेजिमेंट- 19
कुमाऊं रेजिमेंट- 12
पैरा रेजिमेंट- 9
गोरखा राइफल्स- 3
पांच विकास- 3
इंजीनियिरंग- 2
महार रेजिमेंट- 1
गार्डस रेजिमेंट- 1
आरआर- 1
राजपूताना राइफल्स- 1
एयरफोर्स- 1
जे एंड रेजिमेंट- 1
लद्दाख स्काउट- 1
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ब्रैवेस्ट ऑफ ब्रेव रेजीमेंट देहरादून में

कारगिल युद्ध में 13 जैक (जम्मू एंड कश्मीर) राइफल्स ने शौर्य और वीरता का जो इतिहास रचा उसके लिए उसे ब्रैवेस्ट ऑफ ब्रैव यानी वीरों में सबसे वीर का खिताब मिला है। दिल मांगे मोर का नारा देने वाले परम वीर चक्र से सम्मानित कैप्टन विक्रम बत्तरा 13 जैक के थे, जबकि कारगिल में परमवीर चक्र से सम्मानित रेजीमेंट के दूसरे सैनिक संजय कुमार हैं।

भारतीय सैन्य इतिहास में यह पहली रेजीमेंट बनी जिसके दो सैनिकों को एक सैन्य अभियान में वीरता के सर्वश्रेष्ठ पदक परम वीर चक्र से सम्मानित किया गया। कारगिल में सैन्य इतिहास में वीरता की गाथा लिखने वाले 13 जैक रेजिमेंट पिछले कुछ अरसे से देहरादून कैंट में है।

रेजिमेंट के परिसर में कारगिल युद्ध की वीर गाथा पर एक म्यूजियम है। सैनिकों के सीने को चौड़ा करते वीरता पदक आज भी रेजिमेंट के कारगिल में प्वाइंट 4750, 4875 और 5140 के विजयी अभियान की यादें ताजा करते हैं।

13 जैक को युद्ध के बाद ब्रैवेस्ट आफ ब्रैव का टाइटल तो मिला साथ में चीफ आफ आर्मी स्टाफ यूनिट साइटेशन और थियेटर आनर सहित कई सैन्य सम्मान मिले। रेज‌ीमेंट के शूरवीर 26 जुलाई को कारगिल दिवस शहीद समारोह में मौजूद रहेंगे।
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