दवा कंपनियों में गुणवत्ता जांच के लिए संयुक्त टीम पहुंची थी।
दवाओं के निर्माण और भंडारण के दौरान गुणवत्ता की जांच के लिए केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त टीम ने प्रदेश की छह फर्मों का निरीक्षण किया है। उन्होंने दवा निर्माताओं को क्वालिटी कंट्रोल के संबंध में आवश्यक नियमों का पालन करने की हिदायत दी। अगले कुछ दिनों में कई अन्य दवा फर्मों का भी निरीक्षण किया जा सकता है।
देशभर में दवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रयास चल रहे हैं। इसके तहत पिछले दिनों देशभर के औषधि निरीक्षकों की कार्यशाला भी आयोजित की गई। कार्यशाला में निरीक्षकों को दवा निर्माण व भंडारण के समय क्वालिटी कंट्रोल के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
संयुक्त टीम कर रही जांच
इसके बाद भारत सरकार के एडशिनल ड्रग कंट्रोलर, ड्रग इंस्पेक्टर, असिस्टेंट ड्रग इंस्पेक्टर, लैब एनालिस्ट और राज्य से एक ड्रग इंस्पेक्टर की संयुक्त टीम बनाकर अलग-अलग ड्रग मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट्स की जांच की जा रही है।
इसी के तहत पिछले करीब दो सप्ताह में टीम ने राज्य की छह दवा निर्माता फर्मों में गुणवत्ता की जांच की है। इसमें दवा के निर्माण, आवश्यक सॉल्ट की मात्रा व गुणवत्ता, तैयार दवा के भंडारण, आपूर्ति के दौरान भंडारण और रिटेल बिक्री के दौरान भंडारण की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विशेष तापक्रम की आवश्यकता या अन्य विशेष आवश्यकता वाली दवाओं की जांच पर विशेष फोकस किया जा रहा है। अभी तक देहरादून में एक, हरिद्वार में तीन और रुड़की में दो फर्मों की जांच की गई है।
व्यवस्थाएं सामान्य
टीम में शामिल औषधि नियंत्रक अनीता भारती ने बताया कि मानकों के अनुसार दवा निर्माण और भंडारण से गुणवत्ता में सुधार होगा। यही कारण है कि फर्मों का निरीक्षण कर गुणवत्ता में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अभी तक सभी फर्मों में व्यवस्थाएं सामान्य मिली हैं।