उत्तराखंड में बारिश से होने वाले भूस्खलन को रोकने के लिए अब जापान सामने आया है। जापान प्रदेश में भूस्खलन रोकने में मदद करेगा। यह काम जायका प्रोजेक्ट के तहत होगा।
इस संबंध में मंगलवार जापान से आए भूस्खलन प्रबंधन दल क्रे तिनिधि मंडल ने वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत से मुलाकात की है। डॉ. रावत ने बताया कि 2016 में केंद्र, और राज्य सरकार के बीच समझौता हुआ था।
उसी क्रम में जापान की तकनीकी सहायता आदि से पहाड़ में भूस्खलन वाले क्षेत्रों के उपचार का काम शुरू होगा। इस परियोजना में तकनीक मार्गदर्शन प्रशिक्षण आदि खर्च का वहन जापान की ओर से ही किया जाएगा।
जायका प्रोजेक्ट निदेशक अनूप मलिक के अनुसार जापान ने भूस्खलन रोकने की दिशा में काफी अच्छा काम किया है। अब उनकी मदद से कुमाऊं और गढ़वाल मंडल में भूस्खलन रोकने के लिए काम होगा।
जगहों को चिह्नित करने का काम चल रहा है। इस काम में जो भी खर्च होगा उसका काफी हिस्सा जायका प्रोजेक्ट से वहन किया जाएगा। उम्मीद है कि भूस्खलन रोकने से मदद मिलेगी और सड़क, वनों को जो नुकसान पहुंचता है, उसे कम किया जा सकेगा।