ब्लॉक रिखणीखाल के पीपलसारी गांव निवासी नायक हरेंद्र सिंह (35) पुत्र छवाण सिंह 16वीं गढ़वाल राइफल्स में तैनात थे। वर्तमान में वह सेना की 48 आरआर रेजिमेंट में जम्मू कश्मीर के पुंछ इलाके में ड्यूटी पर थे। 15 अक्तूबर की रात आतंकियों से मुठभेड़ में नायक हरेंद्र सिंह शहीद हो गए थे।
मां का रो-रोक बुरा हाल
शहीद का पार्थिव शरीर राजौरी से विशेष विमान से जॉलीग्रांट हवाई अड्डे लाया गया। जहां से सैन्य वाहन से शहीद का पार्थिव शरीर रविवार शाम गढ़वाल राइफल्स मुख्यालय लैंसडौन लाया गया। शहीद की मां सरोजनी देवी और पिता पूर्व सैनिक छवाण सिंह रावत अपने पैतृक गांव पीपलसारी में रहते हैं, जबकि उनकी पत्नी लता देवी और दोनों बच्चों के साथ देहरादून के गढ़ीकैंट में रहती हैं।
रविवार सुबह सभी लोग गांव पहुंच गए। शहीद के पिता छवाण सिंह रावत ने बताया कि सेना की ओर से बीते शुक्रवार को उनके लापता होने की सूचना दी गई थी। शहीद होने की जानकारी उन्हें शनिवार देर शाम दी गई, लेकिन हरेंद्र की मां को रविवार सुबह ही इस बारे में बताया गया। तब से मां का रो-रोक बुरा हाल है।