देहरादून नारी निकेतन में संवासिनियों की मौत के मामले की जांच अंतिम चरण में पहुंच गई है। नारी निकेतन प्रबंधन ने जांच कमेटी को रेकार्ड सौंप दिया है। कमेटी इसकी पड़ताल कर रही है। अगले सप्ताह कमेटी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेगी। 25 और 26 दिसंबर 2015 को दो संवासिनियों की मौत हो गई थी। इससे सिस्टम को सवालों के घेरे में ला दिया था।
26 दिसंबर को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने संवासिनियों की मौत की जांच का आदेश दिया। जिसके बाद जिलाधिकारी रविनाथ रमन ने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व झरना कमठान की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी बना दी थी। कमेटी को जांच के लिए एक माह का समय दिया था।
जांच पूरा करने के लिए कमेटी के पास 25 जनवरी तक का समय है। लेकिन, जांच कमेटी ने पहले दिन से ही तेजी से काम किया। शुक्रवार को नारी निकेतन से पूरा रिकार्ड जांच कमेटी को मिल गया। कमठान ने बताया कि जांच में अधिकतर काम पूरा कर लिया है। जांच अंतिम चरण में है।
संवासिनियों की मौतों के पीछे लापरवाही बड़ी वजह
नारी निकेतन में संवासिनियों की मौतों के पीछे लापरवाही बड़ी वजह मानी जा रही है। अधिकतर मौत ठंड के सीजन में हुई और समय पर समुचित उपचार नहीं मिल पाया। नारी निकेतन प्रबंधन ठंड और बीमारी से बचाव के उचित प्रबंध किए होते तो कई संवासिनियों की जान बचाई जा सकती थी।
नारी निकेतन में साल 2009 से लेकर अब तक 19 संवासिनियों की मौत हो चुकी है। अपर जिलाधिकारी वित्त झरना कमठान की अध्यक्षता में गठित कमेटी इन मौतों की जांच कर रही है।
सूत्र बताते हैं कि अभी तक की जांच में नारी निकेतन प्रबंधन की लापरवाही सामने आ रही है। यह भी बताया जा रहा कि संवासिनियों को समय पर सही उपचार नहीं मिलने की बात भी सामने आ रही है। हालांकि अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।
दून अस्पताल में पांच संवासिनियों का हेल्थ चेकअप
नारी निकेतन में संवासिनियों की लगातार तबियत खराब होने के मामले सामने आने के बाद उनकी नियमित स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था की गई है। इसके लिए संवासिनियों के पांच-पांच के समूह बनाए गए हैं। शुक्रवार को पहले समूह की पांच संवासिनियां दून अस्पताल पहुंची। रुटीन जांच के बाद सभी को वापस नारी निकेतन भेज दिया गया है।
शुक्रवार को अस्पताल लाई गई संवासिनियों की जांच के बाद एनिमिया, कुपोषण और त्वचा रोग से पीड़ित संवासिनियों को दवाएं दी गई। लंबे समय से पेट दर्द की शिकायत और उल्टी की शिकायत पर एक संवासिनी का ब्लड टेस्ट भी किया गया है। अस्पताल लाई गई पांचों संवासिनियां मानसिक रोगी बताई जा रही है।
सीएमओ डॉ. सुशील अग्रवाल ने बताया कि अलग-अलग दिन पांच-पांच के समूह में संवासिनियों को अस्पताल में लाया जाएगा, जहां डॉक्टर उनकी जांच कर आवश्यक परामर्श व दवाएं देंगे।