अनासक्ति आश्रम में महात्मा गांधी के जीवन काल से जुड़ी 150 दुर्लभ तस्वीरें उपलब्ध हैं। इन चित्रों में 1887 से 1891 के दौरान इंग्लैंड में बैरिस्टर की पढ़ाई के दौरान से लेकर उनकी अस्थियों के विसर्जन तक की यादें जुड़ी हैं। आश्रम में महात्मा गांधी और उनकी धर्मपत्नी कस्तूरबा गांधी की एक तस्वीर भी मौजूद है। आश्रम के संग्रहालय में प्रवेश करते ही बायीं दीवार पर टंगा यह दुर्लभ चित्र है, जिसे दक्षिण अफ्रीका में खींचा गया था।
बापू की वंशावली की भी मिलती है जानकारी
अनासक्ति आश्रम में महात्मा गांधी की वंशावली के बारे में भी जानकारी मौजूद है। संग्रहालय में मौजूद एक चित्र में उनकी वंशावली को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई है, जिसकी सहायता से लोगों को बापू की कई पीढ़ियों की जानकारी मिलती है।
1995 कौसानी के गांधी ग्राम घोषित हुआ था। उस समय गांधी स्मारक निधि ने संग्रहालय में उनके जीवन से जुड़ी 201 तस्वीरों को उपलब्ध कराया था। वर्तमान में 150 फोटो ही रह गई हैं। जिन्हें संग्रहालय की दीवारों पर आगंतुकों के दर्शनार्थ सहेजकर रखा गया है।
- कृष्णा सिंह बिष्ट, कार्यकारिणी सदस्य गांधी स्मारक निधि
अब आप लोग डर को बिलकुल छोड़ देंगे, क्योंकि स्वराज के मार्ग में डर रुकावट है
स्वतंत्रता आंदोलन को गति देने के लिए कुमाऊं भ्रमण के दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी आजादी की अलख जगाने अल्मोड़ा भी आए। कुमाऊं भ्रमण पर निकले महात्मा गांधी अपनी पत्नी कस्तूरबा गांधी के साथ 19 जून 1929 को अल्मोड़ा पहुंचे थे। वह शहर के रानीधारा में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हरीश चंद्र जोशी के घर पर रुके थे।
20 जून को राष्ट्रपिता की लक्ष्मेश्वर मैदान (गांधी सभा स्थल) में जनसभा आयोजित की गई। इस विशाल जनसभा में जनता की काफी भीड़ उमड़ी। राष्ट्रपिता ने जनता खासकर युवाओं में देश को आजादी दिलाने के लिए जोश भरा। उन्होंने कहा कि ‘अब आप लोग डर को बिलकुल छोड़ देंगे क्योंकि स्वराज के मार्ग में डर रुकावट है।’ इसके बाद राष्ट्रपिता कौसानी को रवाना हो गए।
पालिका ने किया गांधी सभा स्थल का सौंदर्यीकरण
नगर पालिका परिषद ने गांधी सभा स्थल का 20 लाख लागत से सौंदर्यीकरण किया। इस स्थान को शहीद स्मारक स्थल (गांधी सभा स्थल) लक्ष्मेश्वर के नाम से जाना जाता है। मैदान में जिस स्थान पर खड़े होकर राष्ट्रपिता ने सभा को संबोधित किया था, वहां पर टिनशैड बनाकर छोटा स्मारक भी बनाया गया है। इस स्थान पर दीवार पर महात्मा गांधी समेत लोगों के चित्र भी उकेरे गए हैं। नगर के मालरोड में चौघानपाटा स्थित पार्क में पालिका परिषद ने गांधी की जन्म शताब्दी के मौके पर महात्मा गांधी की प्रतिमा स्थापित की गई है।