बिखरी पहाड़ की संस्कृति की छटा
राजधानी दून में उत्तराखंड के लोकपर्व ईगास बग्वाल की धूम रही। शहर में विभिन्न संगठनों की ओर से कार्यक्रम आयोजित किए गए। दूनवासियों ने भैलो खेलकर भव्य रूप से ईगास का पर्व मनाया। इस दौरान पहाड़ की संस्कृति की छटा बिखेरी।
दून विश्वविद्यालय के खेल परिसर में राठ जन विकास समिति की ओर से ईगास का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इसमें सबसे पहले भैलो पूजन किया गया। इसके बाद रस्सा कस्सी प्रतियोगिता हुई। कार्यक्रम में राठ की महिलाओं महिलाओं ने चौंफला नृत्य कर समा बांधा। यहां दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर सुरेखा डंगवाल, रजिस्ट्रार मंगल सिंह, पद्मश्री कन्हैया प्रसाद रतूड़ी, शेखरानंद रतूड़ी, पुुरुषोत्तम ममगाईं, गोविंद रावत, वीना रतूड़ी, मातबर कंडारी, महेश आदि मौजूद रहे।
अपर बद्रीश कॉलोनी जन कल्याण रेजिडेंट सोसायटी की ओर से ईगास पर्व धूमधाम से मनाया गया। विधायक उमेश शर्मा काऊ ने कहा कि अपनी मान्यताओं और अपने लोकपर्वों को संजोकर रखना जरूरी है। इस अवसर पर सोसायटी के अध्यक्ष राजेश पैन्यूली, राजेश रावत, रंजीत चौहान, नंदन पंवार, सुभाष आदि मौजूद रहे। नेताजी संघर्ष समिति के कार्यालय कावली रोड पर ईगासपर्व धूमधाम से मनाया गया।
भैलो खेल रहा आकर्षण का केंद्र
डांडी कांठी क्लब की ओर से रिंग रोड के सामुदायिक भवन में ईगास पर्व पर भैलो खेला गया। यहां ढोल-दमाऊ की थाप पर लोग जमकर थिरके। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे डीजीपी अशोक कुमार ने क्लब के कार्य की सराहना की। महापौर सुनील उनियाल गामा ने कहा कि हमारी युवा पीढ़ी अपनी परंपरा व संस्कृति को ना भूले। क्लब के अध्यक्ष विजय भूषण उनियाल ने कहा कि ईगास बग्वाल हमारी संस्कृति सभ्यता को प्रदर्शित करता है।