अतिथि शिक्षकों की हड़ताल पर शुक्रवार को हाईकोर्ट ने सख्त रुख अख्तियार किया। हाईकोर्ट ने सरकार से साफ कहा है कि अतिथि शिक्षकों की हड़ताल खत्म कराएं, यदि वे नहीं मानें तो एस्मा लगाएं।
वरिष्ठ न्यायमूर्ति राजीव शर्मा एवं न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ ने कहा कि सरकार आठ सप्ताह के अंदर अतिथि शिक्षकों की मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करे। सरकार अस्थायी, संविदा पर कार्यरत शिक्षकों से काम न ले, बल्कि नियमित शिक्षक नियुक्त करे।
हल्द्वानी निवासी अधिवक्ता मनीष पांडे ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि अतिथि शिक्षकों ने हाल में ही हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में 31 मार्च 2017 तक के लिए नियुक्ति ली थी। नियुक्ति पाने के तुरंत बाद ही समस्त अतिथि शिक्षक हड़ताल पर चले गए।