25 मई से शुरू होने वाले हेमकुंड यात्रा के लिए भी सरकारी इंतजाम नाकाफी हैं।
यात्रा काल तक काम पूरा होने के आसार कम
यात्रा के पैदल पथ की मरम्मत, पुल निर्माण और अन्य संसाधन अभी अधूरे हैं। करीब तीन माह से यहां सरकारी मशीनरी काम कर रही हैं, मगर यात्रा काल तक कार्य पूरा होने के आसार कम ही हैं।
हालांकि, बारिश और बर्फबारी के कारण तीन दिनों से बंद पड़ा हेमकुंड साहिब पैदल मार्ग खोलने का काम बुधवार से शुरू हो गया है।
बुधवार को सिख रेजीमेंट के 40 जवान और 24 कार सेवक पैदल मार्ग से हिमखंड हटाने में जुट गए।
हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अनुसार, हेमकुंड पैदल मार्ग पर फरवरी से मरम्मत का काम चल रहा है। गोविंदघाट से तीन किमी आगे पैदल मार्ग का चौड़ीकरण का कार्य भी पूरा नहीं हो पाया है।
वहीं, इससे आगे पैदल मार्ग पर भी पीडब्लूडी कार्य फाइनल नहीं कर पाई है। मार्ग पर तीन पुलों का निर्माण भी अभी अधर में ही है।
संगत को हो सकती है परेशानी
बताया कि कार्य की प्रगति को देखते हुए इसके निर्धारित समय तक पूरा होने की उम्मीद कम है।
बताया जा रहा है कि पैदल पथ पर पेयजल, पथ प्रकाश, शौचालय आदि का प्रबंध भी नहीं हो पाया है। जिससे संगत को परेशानी हो सकती है।
ट्रस्ट के प्रबंधक सरदार दर्शन सिंह ने बताया कि ट्रस्ट की ओर से सभी संसाधन जुटाए जा चुके हैं। मार्ग पर यात्रियों के लिए आवास, विश्राम, भोजन आदि सुविधाएं ट्रस्ट यात्रियों को निशुल्क मुहैया कराएगा।
उधर, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिद्रा का कहना है कि यात्रा मार्ग पर सरकारी कार्य तेजी से चल रहा है, जिसे यात्रा से पहले पूरा करने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।