मौसम विभाग ने उत्तराखंड में 19 जुलाई को नैनीताल, पौड़ी तथा अल्मोड़ा जिले में कहीं-कहीं 80 से 150 मिमी बरसात की संभावना जताई है।
हालांकि भारी बरसात की संभावना 25 प्रतिशत तक की ही है। करीब पचास प्रतिशत इस बात की संभावना भी है कि नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, हरिद्वार और पौड़ी जिले में भारी बरसात होगी।
मौसम विभाग ने पहाड़ी जिलों में सफर करने वालों को अतिरिक्त रूप से सचेत रहने और नदी-नालों से दूर रहने की सलाह भी दी है।
यहां हैं रास्ते बंद
रुद्रप्रयाग- ऋषिकेश-केदारनाथ हाइवे बांसवाड़ा, डोलिया देवी मंदिर एवं सिरोबगड़ में मलबा आने से मार्ग बंद। ऊखीमठ-गोपेश्वर मोटर मार्ग ताला में बंद लैंचोली में आठ तीर्थ यात्री रुके।
सोनप्रयाग, गौरीकुंड, भीमबली एवं केदारनाथ में तीर्थयात्री नहीं। उत्तरकाशी- ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के अलावा नालूपानी, रेडुबासा, एल्गुगाड़, सुखीटॉप, लालडांग में मलबा आने से रास्ता बंद।
ऋषिकेश-यमनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग वाडिया के पास मलबा आने बंद। हनुमानचट्टी में 15 यात्री फंसे।
चमोली-ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग के अलवा लामबगड़, पागलनाला, कंचननाला व सिरोबगड़ में मलबा आने से रास्ते बंद है।
पौड़ी गढ़वाल-42 ग्रामीण मोटर मार्ग बंद
देहरादून-सहिया में नौ एवं चकराता में छह ग्रामीण मार्ग बंद
अल्मोड़ा-अल्मोड़ा-हल्द्धानी राष्ट्रीय राजमार्ग गेठिया के पास बंद
नैनीताल-भुजान-बेतालघाट-गर्जिया मोटर मार्ग मलबा आने से बंद
ये मार्ग भी प्रभावित
उधमसिंह नगर-तहसील गदरपुर में ग्राम बीसपुरी में 25 मकानों में पानी घुसा। सितारगंज के बैगुल डैम के पास 20 मकानों में पानी घुसा।
पिथौरागढ़ -कैलाश मानसरोवर यात्रा सुचारू रूप से चल रही है। तवाघाट-कन्ज्योति-सोबला मोटर मार्ग, दारमा घाटी पैदल मार्ग सलेटा के पास,मुनस्यारी-मिलम मोटर मार्ग बंद है।
चंपावत-टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग बंद
टिहरी-कीर्तिनगर-सोराखाल मोटर मार्ग बंद
टिहरी-प्रतापनगर मोटर मार्ग बंद
पहले से तैयारी न करने से बढ़ी मुसीबत
-न डाप्लर रडार लगा, न आटोमेटिक वेदर स्टेशन बने
-केदारनाथ में ऊंचाई वाले इलाकों में पुलिस रख रहे हैं निगाह
-बरसात का सटीक अनुमान न होने से चेतावनी ने उलझाया
पूर्वानुमानों ने उलझाया
मौसम पर निगाह रखने की तैयारी न करना अब महंगा पड़ रहा है। हाल यह है कि मौसम विभाग किसी स्थान विशेष का मौसम पूर्वानुमान जारी करने में खुद को विवश पा रहा है। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनी सरकार को और उलझा दे रही है।
हालांकि मौसम विभाग जिलों को स्थान में रखकर पूर्वानुमान जारी कर रहा है पर पहाड़ में हर घाटी के अलग मौसम है और बरसात का अंदाज भी अलग।
मुसीबत यह है कि चार धाम यात्रा का क्षेत्र खासा फैला हुआ है और इसमें गढ़वाल के करीब-करीब सभी जिले शामिल हैं। सभी जिलों में मौसम भी अलग-अलग है।
इस स्थिति से निपटने में मौसम विभाग तक खुद को असमर्थ पा रहा है। मौसम विभाग की शुक्रवार को जारी बुलेटिन में साफ ही कह दिया गया कि सटीक अनुमान लगाने के लिए रडार की जरूरत होगी। वहीं हाल यह है कि प्रदेश में तीन डाप्लर रडार और दस ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन लगाने का प्रस्ताव लंबे समय से लटका पड़ा है।
कुमाऊं में भारी बारिश से भारी तबाही
पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश कहर बनकर टूटी है। शुक्रवार दोपहर करीब 2:30 बजे कपकोट के डोटिला में उत्तर भारत हाइड्रो पावर कंपनी की चार दिन पहले ही शुरू हुई पांच मेगावाट की जल विद्युत परियोजना की सुरंग का एग्जिट प्वाइंट फट गया।
सुरंग से भारी मात्रा में निकले पानी और मलबे से कपकोट कर्मी मार्ग भी ध्वस्त हो गया। इससे कंपनी के एक ट्रक समेत कई वाहन जहां-तहां फंस गए।
इधर, सुरंग फटने की सूचना से आसपास के इलाकों में अफरातफरी मच गई। लोग घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए। पानी में दो लोग भी फंस गए। सूचना पर पहुंची प्रशासन की टीम ने दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला। विधायक ललित फर्स्वाण ने एसडीएम को बिजली परियोजना की सुरंग फटने की घटना की तुरंत जांच के आदेश दिए हैं।
कहां कितनी बारिश मिमी में
नैनीताल 320.12
चंपावत 72
टनकपुर 129
लोहाघाट 155
कैसा रहेगा चारधाम का मौसम
मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पौड़ी और ऊधमसिंह नगर में मूसलाधार बारिश हो सकती है। उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, चमोली, रुद्रप्रयाग और टिहरी में भी गरज संग तेज बौछारें पड़ सकती हैं। दून में बारिश सामान्य रहेगी। वहीं 20 जुलाई को उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, अल्मोड़ा और पौड़ी में भारी बारिश की संभावना है।
बदरीनाथ : बादल छाए रहेंगे मध्यम 20 से 40 मिलीमीटर बारिश
हेमकुंड साहिब : मध्यम 20 से 40 मिलीमीटर बारिश होगी।
केदारनाथ : बादल छाए रहेंगे 20 से 40 मिलीमीटर बारिश
गंगोत्री और यमुनोत्री: बादलों का डेरा 20 से 40 मिलीमीटर बारिश