कोरोना की संभावित तीसरी लहर में बच्चों के सबसे अधिक संक्रमित होने की आशंका के बीच स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। बच्चों के इलाज में किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य निदेशालय से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 100 पैरामेडिकल्स की मांग की है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज उप्रेती ने बताया कि जिला अस्पताल कोरोनेशन, गांधी शताब्दी के अलावा मसूरी, विकासनगर, प्रेमनगर, ऋषिकेश स्थित तमाम उप जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पैरामेडिकल्स की भारी कमी है। इसके चलते मरीजों के इलाज में दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन अब जबकि कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर विशेषज्ञों द्वारा तमाम संभावनाएं जताई जा रही हैं तो उसे देखते हुए स्वास्थ्य निदेशालय से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 100 पैरामेडिकल्स की मांग की गई है। साथ ही कोरोनेशन, गांधी शताब्दी जैसे अस्पतालों में पीडियाट्रिक वार्डों में बेड की अतिरिक्त व्यवस्था करने के साथ ही तमाम चिकित्सकीय उपकरणों को भी दुरुस्त किया जा रहा है। साथ ही पर्याप्त मात्रा में दवाइयां मंगाई जा रही हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज उप्रेती का कहना है कि जैसे ही स्वास्थ्य निदेशालय की ओर से पैरामेडिकल मुहैया कराए जाएंगे। उन्हें जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात किया जाएगा। ताकि, मरीजों खासकर बच्चों के इलाज में तेजी लाई जा सके।