हरिद्वार धर्म संसद में भड़काऊ बयान मामले में ज्वालापुर पुलिस ने दूसरी एफआईआर दर्ज की है, जिसमें यति नरसिम्हानंद गिरि समेत 10 लोगों के नाम हैं। 16-19 दिसंबर तक चली धर्म संसद में मुस्लिमों के खिलाफ घृणा फैलाने वाले भाषण दिये जाने को लेकर नदीम अली की शिकायत पर पुलिस ने यह कार्रवाई की।
पुलिस की एफआईआर में आयोजक यति नरसिम्हानंद गिरि, जितेंद्र नारायण त्यागी, सिंधु सागर, धर्मदास, परमानंद, साध्वी अन्नपूर्णा, आनंद स्वरूप, अश्विनी उपाध्याय, सुरेश चह्वाण और प्रबोधानंद गिरि के नाम हैं। रविवार को दर्ज एफआईआर को ज्वालापुर थाने से शहर के थाने में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां इस मामले की पहली एफआईआर दर्ज है। वहीं मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन भी हुआ। विधानसभा चुनाव के बीच इस धर्म संसद को लेकर प्रदेश में भाजपा पर काफी दबाव है।
एसएसपी हरिद्वार से डीजीपी ने मांगा स्पष्टीकरण
धर्म संसद मामले के बाद फोन न उठाए जाने के मामले में डीजीपी ने एसएसपी हरिद्वार से स्पष्टीकरण मांगा है। बताया जा रहा है कि इस मामले के बाद एसएसपी मीडिया कर्मियों के फोन कॉल तक रिसीव नहीं कर रहे हैं। इस तरह का यह पहला मामला है जब डीजीपी ने किसी जिले के कप्तान से जवाब तलब किया है।