इसी क्रम में पड़ताल करते हुए पता चला कि एक जनवरी को भी एक पोस्ट हुई थी। यह पोस्ट जाट खालसा नाम के ट्विटर हैंडल से किया गया था। तलाश करते हुए पुलिस इस युवती तक पहुंच गई। उत्तराखंड पुलिस के प्रवक्ता सेंथिल अबुदई कृष्ण राज एस ने बताया कि श्वेता सिंह नाम की युवती को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने शुरुआती जानकारी के आधार पर बताया कि श्वेता तीन अकाउंट संचालित कर रही थी। फिलहाल उसके एक ही अकाउंट के बारे में जानकारी मिल सकी है। ट्विटर के जरिये उसने समुदाय विशेष की महिलाओं की बोली लगवाई थी।
उत्तराखंड एसटीएफ भी हुई सक्रिय
महिला की गिरफ्तारी के बाद उत्तराखंड एसटीएफ को भी सक्रिय कर दिया गया है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि एसटीएफ अपने स्तर से जानकारियां जुटा रही है। तमाम सोशल मीडिया अकाउंट की निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही इस तरह के एप पर भी नजर रखी जा रही है। कुछ दिन पहले इस तरह का एक और एप चर्चा में आया था। हालांकि, अभी तक उत्तराखंड में किसी पीड़ित का नाम सामने नहीं आया है। एसटीएफ के अंतर्गत दोनों साइबर थानों की पुलिस इस मामले की पड़ताल में जुट गई है।
चार भाई-बहन हैं श्वेता के, माता पिता की हो चुकी है मौत
श्वेता सिंह रुद्रपुर की रहने वाली है। उसके पिता एक कंपनी में काम करते थे। गत वर्ष उनकी कोरोना संक्रमण से मौत हो चुकी है। जबकि माता की मौत 2011 में हो गई थी। उसकी दो बहनें और एक भाई हैं। एक बहन बीकॉम कर रही है और अन्य दोनों भाई बहन भी पढ़ाई कर रहे हैं। श्वेता खुद भी इंटरमीडिएट पास है और वर्तमान में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही है। उसके परिवार का खर्च वात्सल्य योजना के तीन हजार रुपये और पिता की कंपनी की ओर से दिए जाने वाले 10 हजार रुपये से चलता है। हालांकि, इस काम से उसे रुपये मिल रहे थे या नहीं इसकी जानकारी नहीं मिल सकी है।
बेंगलुरु से इंजीनियरिंग का छात्र गिरफ्तार
इससे पहले मुंबई साइबर सेल ने सोमवार को बेंगलुरु से इंजीनियरिंग के छात्र को हिरासत में लिया था, जिसे मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया है। महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री सतेज पाटिल ने पुलिस को बुल्ली बाई एप के डेवलपर्स के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।
उल्लेखनीय है कि बुल्ली बाई एप कुछ दिन से सुर्खियों में है। महिलाओं की अश्लील तस्वीरों को एक अज्ञात समूह इंटरनेट प्लेटफॉर्म गिटहब का उपयोग करके एक एप पर अपलोड कर रहा है और उन्हें एप पर बुल्ली डील ऑफ द डे के नाम से साझा किया जा रहा है। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने पिछले साल जुलाई माह में प्राथमिकी दर्ज की थी, परंतु आज तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
क्यों चर्चा में है बुल्ली बाई एप?
बुल्ली बाई एप को खोलने पर एक मुस्लिम महिला की तस्वीर बुल्ली बाई के तौर पर सामने आती है। ट्विटर पर अधिक फॉलोवर वाली मुस्लिम महिलाएं जिनमें पत्रकार भी शामिल है, इसमें उनकी तस्वीरें अपलोड की गई हैं। मामले में पुलिस ने अज्ञात अपराधियों के खिलाफ आईपीसी और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।