हरिद्वार में मातृ सदन के ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद ने छह मांगों को लेकर आमरण अनशन शुरू दिया है। उन्होंने कहा कि जब उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती अनशन खत्म नहीं करेंगे।
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ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद बुधवार सुबह जगजीतपुर स्थित मातृ सदन में अनशन पर बैठ गए। इस दौरान उन्होंने कहा कि मातृ सदन की ओर से कई बार आंदोलन किए जा चुके हैं, लेकिन सरकार केवल आश्वासन देने तक सीमित है।
उन्होंने कहा कि 2011 में स्वामी निगमानंद और 2018 में स्वामी सानंद की मौत के मामले की जांच के लिए उच्च न्यायालय के एक वर्तमान न्यायाधीश के नेतृत्व में विशेष जांच दल का गठन, 2020 में साध्वी पद्मावती के साथ हुए घटनाक्रम की जांच के लिए एक महिला जांच अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल का गठन नहीं किया जाता तब तक आंदोलन वापस नहीं लेंगे।
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उन्होंने कहा कि जिला न्यायालय हरिद्वार में मातृ सदन के जितने भी मुकदमे लंबित हैं, उनपर एक विशेष पैनल बनाकर तत्काल सुनवाई, गंगा को लेकर 9 अक्तूबर 2018, 1 अक्तूबर 2019, 2 सितंबर 2020 और 1 अप्रैल 2021 को सरकार की ओर से दिए आश्वासन पत्रों और जल शक्ति राज्य मंत्री रतन लाल कटारिया की ओर से राज्य सभा में 31 जुलाई 2019 को मातृ सदन को दिए गए सारे आश्वासनों को प्रशासन तत्काल लागू करे।