कोरोना संक्रमण फैलने से रोकने के लिए गंगा घाटों पर गोले बनाने शुरू कर दिए गए हैं। स्नान करने के लिए आने वाले श्रद्घालुओं को गोलों में खड़े करवाकर शारीरिक दूरी का पालन कराया जा सके।
बढ़ते कोरोना संक्रमण ने सरकार और मेला प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मेला प्रशासन की ओर से तमाम कदम उठाए गए हैं। इन्हीं क्रम में अब सिंचाई विभाग की ओर से हरकी पैड़ी के मुख्य घाट से लेकर समूचे स्नान घाटों पर श्रद्घालुओं को शारीरिक दूरी का पालन कराने के लिए सफेद रंग से गोले बनाए जा रहे हैं।
पुलिस और श्री गंगा सभा के कर्मचारी श्रद्घालुओं को शारीरिक दूरी का पालन कराने के लिए जागरूक भी करेंगे। सिंचाई कार्यमंडल हरिद्वार के अधीक्षण अभियंता मनोज कुमार सिंह ने बताया कि गोले बनाने के लिए तीन लाख 87 हजार रुपये का बजट स्वीकृत हुआ है। गोले बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। स्वीकृत बजट से हरकी पैड़ी क्षेत्र से लेकर ऋषिकेश समेत अधिक से अधिक गंगा घाटों पर गोले बनवाए जाएंगे। कोरोना गाइडलाइन के अनुसार सफेद गोलों केे बीच की दूरी रखी गई है।
हरकी पैड़ी क्षेत्र में जूते चप्पल पहनकर आना प्रतिबंधित
कुंभ पुलिस ने बुधवार देर रात को हरकी पैड़ी क्षेत्र के गंगा घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं के जूते चप्पल पहनकर आने पर प्रतिबंध लगा दिया है। आईजी कुंभ संजय गुंज्याल का कहना है कि श्रद्धालुओं को होटल, धर्मशाला और अपने वाहन में ही जूते चप्पल छोड़ने होंगे। दूसरी तरफ उन्होंने धर्मशाला में ठहरने वाले यात्रियों का सत्यापन नहीं करवाने पर जुर्माने की कार्रवाई की चेतावनी दी है।
हरिद्वारवासियों को भी लानी होगी रिपोर्ट
कोविड की दूसरी लहर से जूझ रहे 12 राज्यों से लौटने वाले हरिद्वारवासियों को भी 72 घंटे पहले तक की आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट लानी होगी। बिना रिपोर्ट के स्थानीय लोगों और फैक्ट्रीकर्मियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। जिले में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। डीएम सी रविशंकर ने बताया कि जिले की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले कर्मचारियों और स्थानी लोगों को भी इन राज्यों से आने पर आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट दिखानी होगी। हालांकि स्थानीय लोगों और कर्मचारियों के लिए पंजीकरण की बाध्यता नहीं है। इन्हें केवल पहचान पत्र दिखाना होगा।