बुधवार को रोशनाबाद पुलिस कार्यालय में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने पत्रकार वार्ता कर बताया कि नौ सितंबर की शाम शिवम विहार काॅलोनी रोशनाबाद से फैक्टरी कर्मचारी सुभाष का छह साल का बेटा त्रिलोक गायब हो गया था। परिजनों ने इसकी सूचना तुरंत थाने में दी। पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कर अलग-अलग टीमें जांच-पड़ताल में लगाई। सीसीटीवी कैमरे चेक करने पर एक संदिग्ध व्यक्ति के पीछे बच्चा पैदल जाते हुए नजर आया। स्थानीय लोगों से पूछताछ करते हुए संदिग्ध की पहचान रविंद्र निवासी जिला बागपत हाल पता शिवम विहार काॅलोनी के रूप में हुई। पुलिस ने रविंद्र और उसके साथी जनक सिंह निवासी मुजफ्फरनगर हाल पता शिवम विहार कालोनी को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो दोनों ने बच्चे के अपहरण की बात कबूल ली।
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि आरोपी रविंद्र से उसकी पूर्व मकान मालकिन शगुन निवासी मेरठ हाल पता वोल ग्रीन सिटी थाना सिडकुल ने एक छोटा बच्चा दिलाने की मांग की थी। इसके बदले में उसे एक लाख देने की बात कही थी। रविंद्र ने अपने साथी जनक सिंह को यह बात बताई। जिस बिल्डिंग में रविंद्र रह रहा था, वहां एक परिवार भी रहता है। दोनों ने उसके चार बेटों में से एक को चोरी करने की योजना बनाई।
योजना के तहत जनक ने पहले बच्चे को चॉकलेट, बिस्किट खिलाकर भरोसे में लिया। इसके बाद नौ सितंबर को चाऊमीन खिलाने का लालच देकर अपने पीछे आने के लिए कहा। मौका मिलते ही उसने बच्चे को रविंद्र के हवाले कर दिया। इसके बाद दोनों उसे ई-रिक्शा में बैठाकर ले गया और शगुन को सौंप दिया। उससे 30 हजार की रकम ली और चार-पांच दिन में शेष रकम लेने की बात तय हुई। एसएसपी ने बताया कि तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर 20 हजार की रकम बरामद की गई है। प्रेस वार्ता में एसपी क्राइम व यातायात रेखा यादव, एसपी सिटी स्वतंत्र कुमार सिंह, सीओ सदर स्वप्निल मुयाल आदि मौजूद रहे।
सात पुलिसकर्मियों की टीम ने खोजा बच्चा
एसएसपी ने बताया कि थाना प्रभारी नरेश सिंह राठौड़, एसएसआई सुधांशु कौशिक, एसआई देवेंद्र सिंह चौहान, आरक्षी मनीष, गजेंद्र प्रसाद, दीपक दानू, महिला आरक्षी रीना को खुलासे के लिए लगाया गया था। टीम ने सैकड़ों सीसीटीवी कैमरे खंगालते हुए आरोपियों को चिह्नित किया। इसके बाद पुलिस महिला और बच्चे तक पहुंची।
मजदूरी करते-करते लालच में बन बैठे अपराधी
पुलिस के मुताबिक आरोपी रविंद्र और जनक दोनों पेशे से मजदूर हैं। दोनों किराये के मकान में रहते हैं। मजदूरी करते हुए आर्थिक तंगहाली के चलते लालच में अपराधी बन बैठे। महिला ने जब बच्चा दिलाने की बात कहते हुए एक लाख देने का ऑफर दिया तो उनके मन में लालच आ गया। लेकिन उन्होंने ये नहीं सोचा कि जिस रास्ते पर वह जा रहे हैं, वह उन्हें जेल पहुंचा देगा।