आरोप लगाया, शमीम ने साजिश कर पूर्व में तैयार फर्जी कागज उसके पति को दिखाते हुए 30 जुलाई 2005 को प्लाट का बैनामा 2.40 लाख में कर दिया। सात फरवरी 2022 को पति के नाम वक्फ बोर्ड देहरादून से नोटिस आया। तब पता चला कि शमीम अहमद और शाहिद ने वक्फ बोर्ड के सीईओ के नाम से कूटरचित पत्र तैयार कर वक्फ की संपत्ति का बैनामा किया है।
पहले मस्जिद को दान की गई थी जमीन
निजी संपत्ति बताते हुए उत्तराखंड वक्फ बोर्ड की संपत्ति संख्या 619 लोधामंडी को 1963 में बंदू ने मस्जिद को दान दी थी। दूसरे ने संपत्ति को 1968 में आगे बेंच दिया। फिर यह संपत्ति शमीम अहमद को नौ जनवरी 1984 को बेच दी, तभी से वक्फ की संपत्ति को ठिकाने लगाया जा रहा है। आरोप है कि धोखाधड़ी का पता चलने पर सदमे में 10 फरवरी 2022 को इंतजार अहमद की मौत हो गई।
आरोपी शमीम अहमद, शाहिद हुसैन व एक अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
- कुंदन सिंह राणा, कोतवाली प्रभारी, ज्वालापुर