गुरुवार को कार्तिक पूर्णिमा स्नान के मौके पर तीर्थनगरी हरिद्वार में भारी संख्या में भक्तों की भीड़ उमड़ी। हरकी पैड़ी सहित हरिद्वार के अन्य घाटों पर सुबह से स्नान का दौर जारी रहा।
इसके साथ ही ऋषिकेश में भी पूर्णिमा स्नान के लिए काफी संख्या में लोग आए। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा।
सीमा पर रोक दिए भारी वाहन
भीड़ के मद्देनजर रुड़की और हरिद्वार के नारसन, भगवानपुर, लक्सर, श्यामपुर, सिडकुल, रायवाला की ओर से कोई भी भारी वाहन शहर में नहीं आया। सभी भारी वाहन जनपद की सीमा पर रोक दिए गए।
जबकि हल्के वाहन ज्वालापुर की ओर से गए। ऑटो-विक्रम भगत सिंह चौक से हिल बाईपास होते हुए वाल्मीकि चौक होते हुए रेलवे स्टेशन तक पहुंचे। पुलिसकर्मियों को सतर्क रहने के आदेश दिए गए।
यहां से होकर आए वाहन
दिल्ली, मेरठ की ओर से आने वाले वाहनों को नारसन बार्डर से डायवर्ट कर लखनौता, झबरेड़ा, इकबालपुर, पुहाना होते हुए रुड़की, लंढौरा, लक्सर, सुल्तानपुर, फेरुपुर, थाना कनखल के समाने से शंकराचार्य चौक से आयरिश पुल के नीचे से बैरागी कैंप भेजे गए।
देहरादून-ऋषिकेश-नजीबाबाद की ओर से जाने वाले छोटे वाहनों को चंडीचौक, चंडी चौकी से ऋषिकेश, देहरादून वाया चीला मार्ग से नजीबाबाद भेजा गया।
सहारनपुर से हरिद्वार आने वाले वाहनों को भगवानपुर से धनौरी की ओर से न भेजकर रुड़की होते हुए वाया लक्सर मार्ग से हरिद्वार आने दिया गया।
हरिद्वार से ऋषिकेश-देहरादून जाने वाले वाहनों को चंडीचौक से चंडीपुल, चंडी चौकी, चीला मार्ग होते हुए ऋषिकेश, देहरादून की ओर भेजा गया।
देहरादून से हरिद्वार आने वाले वाहनों को नेपाली तिराहे से रायवाला होते हुए हरिद्वार और राजमार्ग से ही दिल्ली-नजीबाबाद की ओर गए।
नजीबाबाद से देहरादून-ऋषिकेश की ओर से जाने वाले वाहनों को 4.2 किमी तिरछापुल से नीलधारा होते हुए हनुमान मंदिर के सामने से चीला मार्ग होते हुए ऋषिकेश एवं देहरादून की ओर भेजा गया।