चकराता के पोखरी गांव में दलितों के साथ मंदिर प्रवेश करने पर भीड़ के हमले में भाजपा सांसद तरुण विजय के घायल होने का मामला गरमाता जा रहा है। राज्यपाल केके पॉल ने मामले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए अभी तक गिरफ्तारी न होने पर नाराजगी जताई है।
राज्यपाल ने मुख्यमंत्री हरीश रावत से बात कर मामले में आरोपियों पर कार्रवाई करने के साथ ही क्षेत्र में दलितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है।
मामले में सीएम हरीश रावत ने तुरंत गढ़वाल कमिश्नर को जांच के आदेश दे दिए हैं। सीएम ने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। सीएम ने भरोसा दिलाया कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
तरुण विजय की बेटी और पत्नी पहुंची देहरादून
तरुण विजय पर हमला
- फोटो : AmarUjala
वहीं घटना के बाद तरुण विजय की पत्नी और बेटी देहरादून पहुंच गई हैं। तरुण विजय की पत्नी और बेटी ने हमले को पूर्व नियोजित और भयावह बताया है।
बेटी ने कहा कि वहां पर पूरी भीड़ इकठ्ठा थी और सब बड़े-बड़े पत्थर बरसा रहे थे। उनके पिता को बचने के लिए दो किमी तक दौड़ना पड़ा। यहीं नहीं उनकी गाड़ी को खाई में धकेल दिया गया।
शनिवार को राज्य सरकार और राज्यपाल ने सांसद का हाल जाना। इसके साथ ही इलाज के लिए कहीं बाहर जाने को कहा है। जिस पर सांसद ने देहरादून में ही इलाज कराने की बात कही और बाहर जाने से इनकार कर दिया।
देवदर्शन कर लौटते वक्त भीड़ ने बोला था हमला
मंदिर में दर्शन करके सांसद बाहर निकले तभी भीड़ ने हमला बोल दिया।
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शुक्रवार को देहरादून के चकाराता क्षेत्र के पोखरी गांव में बने नवनिर्मित बने शिलगुड़ मंदिर में दलितों के साथ देवदर्शन करने गए थे। दर्शन करके लौटते वक्त भीड़ ने हमला कर दिया था जिसमें सांसद को भागकर जान बचानी पड़ी थी।
हमलावरों ने पथराव करके वाहनों से शीशे तोड़ दिए और सांसद के साथ गए आराधना ग्रामीण विकास केंद्र समिति के संरक्षक दौलत कुंवर की गाड़ी को खाई में ढकेल दिया।
चकराता स्थित सेना के अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद सांसद को देर शाम दून के लिए रेफर कर दिया। यहां सांसद को मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। डीएम डॉ. रविनाथ रमन और एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने चकराता पहुंच कर हालात का जायजा लिया।