राज्य सभा चुनाव में कुमाऊं से प्रदीप टम्टा के नामांकन के बाद गढ़वाल और कुमाऊं के बीच बढ़ती खाई पाटने के लिए मुख्यमंत्री मंत्रिमंडल में गढ़वाल मंडल को तरजीह दे सकते हैं। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को इसके संकेत दिए हैं।
बता दें कि उत्तराखंड से राज्य सभा की तीन सीटों में से एक सीट पर पहले से कुमाऊं मंडल से महेंद्र सिंह महरा काबिज हैं। ऐसे में माना जा रहा था कि तरुण विजय का कार्यकाल समाप्त होने से खाली हो रही इस सीट से प्रत्याशी गढ़वाल मंडल से हो सकता है।
राज्य सभा के लिए दावेदार कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय को टिकट न मिलने से किशोर और उनके पक्ष में हस्ताक्षर अभियान चलाने वाले उनके सहयोगियों में नाराजगी है। किशोर के सहयोगी इसे राज्य सभा में गढ़वाल से प्रतिनिधित्व का शून्य होना बता रहे हैं।
जो मंगलवार को नामांकन होने तक किशोर के लिए आस लगाए रहे, लेकिन किशोर को किनारे किए जाने से उनके समर्थकों में अंदर खाने भारी नाराजगी है। कांग्रेस के नौ बागी विधायकों की वजह से भी गढ़वाल में कांग्रेस कमजोर होने से राज्य सभा के लिए किशोर की दावेदारी मजबूत मानी जा रही थी, लेकिन कांग्रेस पार्टी हाईकमान की ओर से कुमाऊं मंडल को तरजीह दी गई। इसकी भरपाई के लिए अब मुख्यमंत्री मंत्रिमंडल में गढ़वाल को तरजीह दे सकते हैं। मंगलवार को सीएम ने कुछ इसी तरह के संकेत दिए।
बोले सीएम
उत्तराखंड में चीजों को क्षेत्रीयता के नजरिये से देखना छोड़ना होगा। राज्य सभा चुनाव के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार होना है। इस विस्तार के बाद यह भी हो सकता है कि कुछ लोगों को कहना पड़े कि दोनो मंडलों को बराबर तरजीह नहीं दी गई।
-हरीश रावत, मुख्यमंत्री
नामांकन तक चला रूठने मनमाने का सिलसिला
यशपाल आर्य
- फोटो : अमरउजाला
कांग्रेस में प्रत्याशी के नामांकन तक नाराज दावेदारों और उनके सहयोगियों के रूठने व मनाने का सिलसिला चलता रहा है। कांग्रेस प्रत्याशी प्रदीप टम्टा को सुबह 11 बजे नामांकन करना था। वे समय से पहले कैबिनेट मंत्री इंदिरा हृदयेश के विधान सभा स्थित कक्ष में पहुंच चुके थे, लेकिन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य और मंत्री दिनेश धनै के रूठने और मनाने के सिलसिले के चलते साढ़े तीन घंटे देरी से नामांकन हुआ।
इस बीच मुख्यमंत्री और उनके करीबी सियासी आपदा प्रबंधन में जुटे रहे। नामांकन तक यह चर्चा होती रही कि किशोर मान नहीं रहे हैं। हालांकि ढाई बजे प्रदीप टम्टा के नामांकन के दौरान वे साथ नजर आए, लेकिन सीएम की पीसी में वे नहीं दिखे।
कमजोर हूं, कमजोर पर हमेशा हमले होते हैं: यशपाल
सिंचाई मंत्री यशपाल आर्य ने कहा कि वे पार्टी के खिलाफ नहीं है टिकट को लेकर पार्टी हाईकमान ने जो भी फैसला लिया है उन्हें स्वीकार है। उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनो में जो घटनाक्रम हुआ एवं अधिकारियों के तबादले हुए इससे उनका कोई लेना देना नहीं है। मंत्री ने कहा कि यह रुटीन के तबादले हैं। टिकट व नाराजगी के सवाल पर उन्होंने कहा कि मीडिया ने जो कुछ लिखा इस संबंध में उनकी किसी से बात नहीं हुई। उन्होंने कहा कि वे कमजोर हैं और कमजोर पर हमेशा हमले होते रहे हैं, लेकिन उनका आत्मबल मजबूत हैं।