गंगोत्री हाईवे पर गंगनानी में तीसरे दिन भी यातायात बहाल नहीं हो पाया। बृहस्पतिवार रात हुई बारिश से हाईवे उत्तरकाशी से गंगोत्री के बीच आधा दर्जन स्थानों पर अवरुद्ध रहा। शुक्रवार को भी किसी तीर्थयात्री ने गंगोत्री धाम का रुख नहीं किया।
गंगनानी में सक्रिय भूस्खलन इस सीजन में गंगोत्री हाईवे के लिए नासूर बन गया है। बीते एक हफ्ते से यहां पहाड़ी से भारी मलबा आने का सिलसिला जारी है। बीच में कुछ समय तो बीआरओ ने मलबा साफ कर किसी तरह यातायात बहाल किया, लेकिन बीते दो दिनों से यहां यातायात पूरी तरह ठप पड़ा है। पहाड़ी से भारी बोल्डर गिरने का सिलसिला जारी है।
उधर यमुनोत्री हाईवे भी बाडिया, जंगलचट्टी, सिलाईबैंड, हनुमानचट्टी आदि स्थानों पर भूस्खलन एवं धंसाव के कारण अवरुद्ध हो रहा है, लेकिन यहां एनएच की मशीनें कुछ ही देर में मलबा साफ कर यातायात बहाल कर रही हैं। शुक्रवार को 22 तीर्थयात्री यमुनोत्री धाम पहुंचे।
छह घंटे बाधित रहा केदारनाथ हाईवे
बृहस्पतिवार रात को बारिश के मलबा आने से शुक्रवार को केदारनाथ राजमार्ग दो स्थानों में लगभग छह घंटे बाधित रहा। बाद में बीआरओ ने मलबा हटाकर यहां पर वाहनों की आवाजाही शुरू करवाई।
मलबा आने से गुप्तकाशी और नाला के बीच तथा बांसबाड़ा में राजमार्ग बंद होने से वाहनों की आवाजाही बाधित रही। बीआरओ ने सुबह पौने आठ बजे मलबा हटाकर वाहनों की आवाजाही शुरू करवाई।
19 तीर्थयात्री केदारनाथ को रवाना
शुक्रवार को सोनप्रयाग से 19 तीर्थयात्री बाबा केदारनाथ धाम रवाना हुए। आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार को सुबह सोनप्रयाग से 19 तीर्थयात्री रवाना हुए। धाम में मौसम साफ है। कभी-कभार हल्के बादल छा रहे हैं।
बदरीधाम जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कमी
गोपेश्वर/जोशीमठ। ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे बृहस्पतिवार रात्रि 9 बजे से जिले शुरू हुई बारिश से रात्रि 2 बजे लामबगड़, पातालगंगा और पागलनाला में अवरुद्ध हो गया। हालांकि 13 घंटे बाद तीनों स्थानों पर बीआरओ द्वारा हाईवे वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारु कर दिया गया।
हाईवे खुलने के बाद जोशीमठ में रोके गए करीब 78 तीर्थयात्री बदरीनाथ पहुंचे। दूसरी ओर धाम से करीब 80 तीर्थयात्रियों को जोशीमठ रवाना कर दिया गया।
बदरीनाथ के थानाध्यक्ष मुकेश चौहान ने बताया कि हाईवे के बार-बार अवरुद्ध होने से धाम में पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी कमी आ गई है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को धाम में 78 तीर्थयात्री पहुंचे।