चमोली के जोशीमठ ब्लॉक के रैणी गांव के समीप सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान मलबे और बोल्डर की चपेट में आने से बीआरओ के दो मजदूरों समेत चार लोगों की मौत हो गई और दो लोग घायल हो गए।
सूचना मिलते ही जोशीमठ थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। मलबे में दबे चारों शव निकाले गए। घायल दोनों लोगों को सीएचसी जोशीमठ में भर्ती कराया गया है। डाक्टरों ने उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई है।
सीमावर्ती क्षेत्र में इन दिनों बर्फ पिघलने के बाद बीआरओ ने नीती घाटी को जाने वाली बॉर्डर रोड का चौड़ीकरण कार्य शुरू किया है। मंगलवार को रैणी गांव के समीप दोपहर साढ़े तीन बजे सलधार तोक में चौड़ीकरण कार्य के लिए बीआरओ के मजदूरों ने हिल साइड में विस्फोट किया।
करीब दो घंटे बाद मजदूर मलबा हटा ही रहे थे कि तभी पहाड़ी पर अटका मलबा बोल्डर के साथ मजदूरों और वहां से गुजर रहे ग्रामीणों पर आ गिरा।
रास्ते से जा रहे थे गांव, तभी टूटी चट्टान
मलबे में दबकर जेसीबी आपरेटर मुकेश लाल (22) पुत्र जय लाल निवासी ढाक गांव, जोशीमठ, बीआरओ हेल्पर अविनाश शर्मा (28) निवासी झारखंड, हरक सिंह रावत (65) पुत्र माधो सिंह निवासी सैंतोली कोषा, जोशीमठ, दरवान सिंह (55) पुत्र प्रबल सिंह निवासी पुणकिला कोषा, जोशीमठ की मौके पर ही मौत हो गई। कोषा गांव निवासी चैत सिंह और नरेंद्र सिंह घायल हो गए।
सूचना पर बीआरओ कमांडर आर सुब्रमण्यम, तहसील और थाना पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घायलों को जोशीमठ अस्पताल भेजा। ग्रामीणों की मदद से मलबे में दबे शवों को निकाल लिया गया। बताया गया कि हरक सिंह, दरवान सिंह, चैतसिंह और नरेंद्र रैणी गांव में पूजा के बाद इस रास्ते से अपने गांव जा रहे थे।
बीआरओ कमांडर का कहना है कि विस्फोट के दो घंटे बाद पोकलैंड मशीन से मलबा और बोल्डर हटाए जा रहे थे तभी अचानक चट्टान का एक हिस्सा टूटकर गिरने से यह हादसा हुआ। एसडीएम जोशीमठ अनूप कुमार नौटियाल ने बताया कि शवों को जोशीमठ लाया गया है। बुधवार को गोपेश्वर में शवों का पोस्टमार्टम होगा।