भोजनमाताओं को 60 साल की सेवा पूरा होने पर ग्रेच्युटी भुगतान, पेंशन, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी घोषित करने तक न्यूनतम वेतन 18000 रुपये देने, पूर्व में सेवा से हटायी गई भोजन माताओं को बहाल करने, कार्यरत भोजन माताओं को न हटाने और 45 व 46 वे श्रम सम्मेलन की शिफारिशें लागू करने जैसी मांगों को लेकर सीटू से संबद्ध उत्तराखंड भोजनमाता कामगार यूनियन ने आंदोलन का ऐलान कर दिया है।
सीटू के प्रांतीय कार्यकारी अध्यक्ष राजेंद्र सिंह नेगी व सचिव लेखराज की उपस्थिति में हुई बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि दो से आठ अगस्त तक खंडविकास कार्यालयों पर प्रदर्शन किया जाएगा। नौ अगस्त को भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ पर जिलास्तरीय धरना, प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक में शिक्षा मंत्री की घोषणा के अनुसार भोजन माताओं का मानदेय दो हजार से बढ़ाकर पांच हजार करने का स्वागत भी किया गया। बैठक की अध्यक्षता यूनियन की प्रांतीय अध्यक्ष रोशनी बिष्ट व संचालन महामंत्री मोनिका ने किया। बैठक में प्रांतीय उपाध्यक्ष रेखा राणा, मंजू नेगी, भूपेंद्र नेगी, सुनीता, रजनी रावत, रामवती, अलका सजवाण, शकुन्तला, विमल कौशिक, आरती, पूनम, बबली समेत कई भोजन माताएं उपस्थित रहीं।