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Uttarakhand: फर्जी एक्सचेंज से सरकार को लगाया करोड़ों का चूना, चीन के साथ मिलकर गुप्त काम कर रहा था आरोपी

Wed, 01 May 2024 04:10 PM IST
रेनू सकलानी रुद्रेश कुमार, माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून

सार

Dehradun News: आरोपी चीन की महिला के लिए काम करता है, जो उसे हर दिन लाखों रुपये कमीशन देकर इस तरह से कॉल डायवर्ट कराती है।
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आरोपी गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फर्जी एक्सचेंज संचालक अनुराग गुप्ता विदेशी नंबरों को डायवर्ट करने के लिए कई गेटवे को गच्चा दे रहा था। बिना लाइसेंस चल रहे इस एक्सचेंज के माध्यम से उसने पांच महीने में सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगाया है। फिलहाल, टेलीकॉम विभाग अब तक हुए नुकसान का आकलन कर रहा है।

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इसके अलावा चीन से जुड़े होने के कारण अब इसमें राष्ट्रीय स्तर की जांच एजेंसियां भी सक्रिय हो सकती हैं। माना जा रहा है कि इस काम से उसने राष्ट्रीय सुरक्षा को भी खतरा पहुंचाया है। दरअसल, इस तरह से लैंडलाइन कनेक्शन किसी कॉल सेंटर या फिर अन्य सेटअप के लिए लिए जाते हैं। इसके लिए लाइसेंस लेना होता है। लेकिन, अनुराग गुप्ता ने इसके लिए कोई लाइसेंस नहीं लिया।

यही नहीं, कॉल सेंटर के माध्यम से केवल भारतीय नंबरों से भारतीय नंबरों को ही कॉल की जाती है। इसके हिसाब से जितना टाकटाइम होता है उतना सर्विस प्रोवाइडर और सरकार को राजस्व दिया जाता है। जबकि, इंटरनेशनल कॉल इंटरनेशनल कॉल गेटवे (आईसीजी) के माध्यम से भारत में आती हैं। इसमें जितनी लंबी बात होती है उस हिसाब से राजस्व में सर्विस प्रोवाइडर, लाइसेंसधारी और सरकार का हिस्सा होता है।

विदेशी नंबरों से बातचीत की और कराई

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अनुराग गुप्ता ने अपने इस अवैध एक्सचेंज से इस आईसीजी को दरकिनार कर भारी भरकम सर्वरों और इंटरनेट क्लाउड के माध्यम से कॉल डायवर्ट की हैं। यह पूरी तरह से अवैध है। उसने कॉल लाइन आईडेंटीफिकेशन (सीएलआई) को भी बाईपास किया। इससे होता यह है कि किसी भी जांच एजेंसी को इस बात का पता नहीं चल सकता कि यह कॉल कहां से और कौन कर रहा है। माना जा रहा है कि उसने अपने 500 लैंडलाइन कनेक्शन के माध्यम से लाखों मिनट विदेशी नंबरों से बातचीत की और कराई है। इससे सरकार और सर्विस प्रोवाइडर (सेवा प्रदाता कंपनी) को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया। टेलीकॉम विभाग के उप महानिदेशक एवं प्रदेश समन्वय प्रमुख अशोक कुमार रावत ने बताया कि अनुराग गुप्ता ने जो नुकसान सरकार को पहुंचाया है उसका आकलन किया जा रहा है।

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बीएसएनएल ने बिना जांच-पड़ताल कैसे दे दिए कनेक्शन

जिओ कंपनी ने तो अनुराग गुप्ता के कारनामों को पहले ही भांप लिया। लेकिन, सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी बीएसएनएल उसके झांसे में आ गई। दो-चार नहीं बल्कि 500 कनेक्शन उसने बिना जांच-पड़ताल दे दिए। अब टेलीकॉम विभाग भी इसकी जांच कराने के लिए बीएसएनएल को पत्र लिख रहा है। जल्द ही राष्ट्रीय जांच एजेंसियां भी अब सक्रिय होने वाली हैं।

टेलीकॉम विभाग को मिली थीं शिकायतें

उप महानिदेशक अशोक कुमार रावत ने बताया कि कई विदेशी नंबरों से आने वाली कॉल की शिकायतें उन्हें पोर्टल के माध्यम से मिली थीं। इनकी जांच की जा रही थी। इसी बीच जब पता चला कि यह सब देहरादून से हो रहा है तो एसटीएफ की मदद से मामले में जांच शुरू की गई। इस तरह की उन्हें तीन से ज्यादा शिकायतें मिली थीं।

विदेशी नंबर से कॉल आए तो यहां करें शिकायत

विदेशी नंबर से कॉल आने पर सचेत रहने की आवश्यकता है। इसके लिए पुलिस ही नहीं बल्कि सीधे सरकारी पोर्टल पर भी शिकायत की जा सकती है। इसके लिए टोल फ्री नंबर 1800110420 और 1963 पर कॉल करके सूचना दी जा सकती है। इसके अलावा https://sancharsaathi.gov.in/InternationalCall/ReportIntCall.jsp पोर्टल पर भी शिकायत की जा सकती है।

 

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