प्रदीप बत्रा के इसी कांप्लेक्स को सील कर दिया गया।
- फोटो : अमरउजाला
करीब एक वर्ष से बन रहा पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता प्रदीप बत्रा का कांप्लेक्स एचआरडीए (हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण) ने सोमवार सुबह सील कर दिया। यह कार्रवाई उस समय की गई जब कांप्लेक्स का अधिकतर कार्य पूरा हो चुका था। कांग्रेस से बगावत के कुछ दिनों बाद हुई इस कार्रवाई पर कई सवाल उठ रहे हैं।
रुड़की के मलकपुर चुंगी के समीप विशाल मेगामार्ट के बराबर में पूर्व विधायक प्रदीप बत्रा और उनके पार्ट्नर्स का एक कांप्लेक्स बन रहा है। इसका 80 फीसदी कार्य लगभग पूरा हो चुका है। सोमवार को एचआरडीए के एई जीसी भट्ट एवं जेई संजीव अग्रवाल टीम के साथ मौके पर पहुंचे और निर्माणकार्य रुकवा दिया।
उसके बाद मजदूरों की मदद से पूरा कांप्लेक्स सील कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि इसके निर्माण को लेकर कई खामियां है। इस संबंध में पहले भी नोटिस दिया जा चुका है। लेकिन काम नहीं रोका गया।
...तो बत्रा पर गिरी है बागी होने की गाज!
कांप्लेक्स को सील करते एचआरडीए कर्मी
- फोटो : अमरउजाला
भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक प्रदीप बत्रा के कांप्लेक्स पर उनके कांग्रेस में रहने तक कोई परेशानी नहीं आई। पूरे कांप्लेक्स का नक्शा भी पास हुआ, बेसमेंट के साथ निर्माण भी शुरू हुआ।
कांप्लेक्स के निर्माण में कुछ खामी थी तो उस पर शुरू में रोक लगाई जानी चाहिए थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। प्रदीप बत्रा के कांग्रेस सरकार से बगावत और भाजपा में शामिल होने के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई। प्रदेश में दुबारा कांग्रेस सरकार बनने के ठीक एक माह बाद एचआरडीए की यह कार्रवाई लोगों में चर्चा का विषय बनी हुई है।
लोग इस कार्रवाई के बारे में यही कहते नजर आ रहे हैं कि पूर्व विधायक बत्रा को बागी होने का खामियाजा उठाना पड़ रहा है। लेकिन इस संबंध में प्रदीप बत्रा ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है।
सील करने के पीछे एचआरडीए ने बताई यह वजह
कांप्लेक्स सील करते कर्मचारी
- फोटो : अमरउजाला
प्रदीप बत्रा के जिस निर्माणाधीन कांप्लेक्स को सील किया गया है। उसके पीछे एचआरडीए का तर्क है कि जिस भूमि पर निर्माण किया जा रहा है वहां दो अलग-अलग प्लाट थे। एई जीएस भट्ट ने बताया कि दोनों प्लाट पर निर्माण के लिए अलग-अलग अनुमति दी गई थी। लेकिन उन पर मिलाकर एक साथ निर्माण किया जा रहा है। लेकिन यह नियम के विरुद्ध है।
एचआरडीए को एक साल बाद आई याद
प्रदीप बत्रा के कांप्लेक्स का निर्माण एक साल से भी अधिक समय से चल रहा था। एचआरडीए को पूरे वर्ष कार्रवाई की याद नहीं आई। इस समय कार्य अंतिम दौर में चल रहा था। अब एचआरडीए ने इसे सील किया।