धार्मिक स्थल बनाने की इजाजत नहीं दी जा सकती
डॉ.धकाते ने बताया कि पूर्व में भी यहां से अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस दिए गए थे, लेकिन नियमानुसार जंगल की जमीन को खाली नहीं किया गया। इसलिए आज सख्त कार्रवाई को बाध्य होना पड़ा। उन्होंने बताया कि जंगल में किसी भी प्रकार का धार्मिक स्थल बनाने की इजाजत नहीं दी जा सकती। यदि कोई बनाएगा तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कारवाई की जाएगी। साथ ही ऐसे मामलों में विभागीय अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी।
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एनएच के किनारे भी हटाएंगे अतिक्रमण
हाईकोर्ट के निर्देश पर राष्ट्रीय राज मार्गों के किनारे फॉरेस्ट लैंड से अतिक्रमण हटाने के लिए जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करके ही अतिक्रमण हटाया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा है कि अतिक्रमण हटाओ अभियान जारी रहेगा और कोई भी धार्मिक चिन्ह जंगल में नही बनने दिया जाएगा।