परियोजना से ये लाभ होंगे
- लो-वोल्टेज से निजात मिलेगी।
- ब्रेक डाउन नहीं लेना पड़ेगा।
- लाइन लॉस में कमी आएगी।
- चंपावत जिले के सवा दो लाख से अधिक आबादी वाले समूचे पहाड़ी क्षेत्र पाटी, बाराकोट, लोहाघाट का संपूर्ण ब्लॉक क्षेत्र के अलावा चंपावत ब्लॉक का समूचा पहाड़ी हिस्सा लाभान्वित होगा।
- अभी मैदानी क्षेत्र टनकपुर की आपूर्ति लोहियाहेड और समूचे पहाड़ी हिस्सों की बिजली आपूर्ति।
इस लाइन से 33 केवी की बिजली आपूर्ति हो रही है
132/33 केवी पारेषण लाइन और बिजलीघर दोनों अलग-अलग काम हैं। पारेषण का काम पूरा हो गया है। बिजलीघर के लिए पिटकुल की निविदा प्रक्रिया चल रही है। पिथौरागढ़ के बजाय वर्तमान में इस लाइन से 33 केवी की बिजली आपूर्ति हो रही है। इससे ब्रेकडाउन के खतरे कम होंगे। पूरी क्षमता की बिजली आपूर्ति दोनों काम पूरा होने के बाद होगी।
-उमाकांत चतुर्वेदी, ईई, ऊर्जा निगम, चंपावत।
प्रधानमंत्री ने 42 किमी लंबी विद्युत पारेषण लाइन का लोकार्पण किया है, विद्युत सब स्टेशन का नहीं। जब तक सब स्टेशन बनेगा, तब तक स्थानीय स्तर पर लॉ वोल्टेज, लाइन ट्रिपिंग की समस्या के समाधान के लिए इसे 33 केवी पर ऊर्जीकृत किया गया है। सब स्टेशन के लिए टेंडर खोला गया है। अधूरे प्रोजेक्ट के लोकार्पण की बात गलत है।
-पीसी ध्यानी, प्रबंध निदेशक, पिटकुल