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उत्तराखंड: जिन पर अफसरों की रहनुमाई, उनकी कुर्सी नहीं हिल पाई, राजधानी का मोह नहीं छोड़ पा रहे कई कर्मचारी

Mon, 04 Apr 2022 03:15 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

लोनिवि में 350 से अधिक ऐसे मिनिस्टीरियल संवर्ग के कर्मचारी हैं, जिनका प्रमोशन दो साल पहले हो चुका है, लेकिन यह अब भी उसी कार्यालय में जमे हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pixabay
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विस्तार
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प्रदेश के लोक निर्माण विभाग का भी अजब हाल है। यहां कुछ मिनिस्टीरियल कर्मियों को अफसरों की रहनुमाई ऐसी भायी कि आज तक उनकी कुर्सी नहीं हिल पाई है। विभाग में एक-दो नहीं, ऐसे तमाम उदाहरण हैं, जिनमें संबंधित कर्मचारी कनिष्ठ सहायक पद पर भर्ती होने के बाद प्रमोशन पाकर प्रधान सहायक पद तक जा पहुंचे, लेकिन आज तक राजधानी देहरादून का मोह नहीं छोड़ पाया। अब विभाग के भीतर ही इन्हें लेकर विरोध के सुर उठ रहे हैं। 

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लोनिवि में 350 से अधिक ऐसे मिनिस्टीरियल संवर्ग के कर्मचारी हैं, जिनका प्रमोशन दो साल पहले हो चुका है, लेकिन यह अब भी उसी कार्यालय में जमे हैं। एक्ट में प्रावधान है कि प्रमोशन के साथ संबंधित कर्मचारी का अनिवार्य रूप से स्थानांतरण किया जाएगा। बीते वर्ष विभाग के अधिकारियों ने इन कर्मचारियों को कोरोना का हवाला देकर प्रमोशन तो दे दिया, लेकिन बाद में उसी कार्यालय में ही पदस्थापित कर दिया गया, जहां वह तैनात थे।

उस वक्त आदेश में कहा गया था कि जब कोरोना की स्थितियां सामान्य हो जाएंगी, तब जिन कार्यालयों में कर्मचारियों की कमी है, उन्हें निर्धारित मानकों के अनुसार वहा स्थानांतरित कर दिया जाएगा। अब जब कोराना संक्रमण को लेकर स्थितियां सामान्य हो चुकी हैं, विधानसभा चुनाव के लिए लगी आचार संहिता भी समाप्त हो गई है, ऐसे में एक बार फिर इन कर्मचारियों के तबादले की मांग जोर पकड़ने लगी है। 

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राजधानी में मानकों से अधिक कर्मचारी, पर्वतीय क्षेत्रों में पद खाली

उत्तरांचल लोक निर्माण विभाग मिनिस्टीरियल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने विभागाध्यक्ष को पत्र भेजकर ऐसे तमाम कर्मचारियों का तत्काल तबादला किए जाने की मांग उठाई है। एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष सुभाष देवलियाल का कहना है कि पदोन्नति पाने वाले तमाम कर्मचारी ऐसे हैं, जो दशकों से राजधानी में ही जमे हुए हैं।

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राजधानी में स्थित तमाम विभागीय कार्यालयों में मानकों से अधिक कर्मचारी हैं, पर्वतीय इलाकों में स्थित कई कार्यालयों में कर्मचारियों की कमी बनी हुई है। इससे विभाग का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। अगर शीघ्र ही ऐसे कर्मचारियों का तबादला नहीं किया जाता तो एसोसिएशन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। 

वार्षिक स्थानांतरण के लिए विभागीय स्तर पर समिति का गठन कर दिया गया है। लोनिवि में समूह ख व ग श्रेेणी के कार्मिकों का स्थानांतरण किया जाएगा। इसमें देखा जाएगा कि ऐसे कौन से कर्मी हैं, जो वर्षों से एक ही कार्यालय में जमे हुए हैं। नियमानुसार नीति का पालन करते हुए ट्रांसफर किए जाएंगे। 
- प्रमोद कुमार, प्रमुख अभियंता, लोनिवि
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