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देहरादून: ईएसआईसी का फर्जी रिकवरी पत्र बनाकर आठ लाख ठगे

Mon, 27 Sep 2021 11:15 AM IST
देहरादून ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

सुशील कुमार सेवानिवृत्ति के बाद बागवानी संरक्षण का काम करते थे। सरकारी कार्यालयों के बगीचों की देखभाल का ठेका भी लेते थे। स्वास्थ्य कारणों के चलते उन्होंने 2016 में अपनी फर्म बंद कर दी।
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रुपये - फोटो : pixabay
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विस्तार
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राज्य कर्मचारी बीमा निगम (ईएसआईसी) का फर्जी रिकवरी पत्र बनाकर बुजुर्ग से आठ लाख रुपये ठग लिए गए। बुजुर्ग डील से सेवानिवृत्त हैं और आरोपी एक वकील है। मामले में डालनवाला पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।

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ईएसआईसी का 19 लाख रुपये रिकवरी संबंधी पत्र दिखाया
मामले में सुशील कुमार शर्मा निवासी करनपुर ने शिकायत की है। सुशील कुमार सेवानिवृत्ति के बाद बागवानी संरक्षण का काम करते थे। सरकारी कार्यालयों के बगीचों की देखभाल का ठेका भी लेते थे। स्वास्थ्य कारणों के चलते उन्होंने 2016 में अपनी फर्म बंद कर दी। नियमानुसार इसकी जानकारी उन्होंने ईपीएफओ आयुक्त को भी दी थी।

गत 20 मार्च को उन्हें एक पत्र मिला। अंग्रेजी में लिखा हुआ यह पत्र ईएसआईसी की ओर से आया लग रहा था। पत्र को समझने के लिए वह एडवोकेट विपिन कुमार के घर करनपुर पहुंचे। पता चला कि उनकी तो मौत हो चुकी है। अब उनका कामकाज विपिन कुमार का पुत्र विथलेश यदुवंशी देखते हैं। विथलेश ने कहा कि वह सारा काम करा देंगे। उसने सुशील कुमार से कहा कि वह बीमा निगम को फर्म बंद करने का जवाब बनाकर भेज रहा है। 15 दिन बाद जब फिर से सुशील कुमार उनके पास पहुंचे तो विथलेश ने उन्हें ईएसआईसी का 19 लाख रुपये रिकवरी संबंधी पत्र दिखाया।
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सुशील कुमार से 8.39 लाख रुपये ले लिए
विथलेश ने उन्हें डरा दिया कि यह रिकवरी 31 जुलाई तक देनी होगी। यदि ऐसा नहीं हुआ तो उन पर पेनाल्टी लगेगी। यही नहीं मुकदमा अलग से होगा और उत्तराधिकारियों को इस रकम को भरना पड़ेगा। सुशील कुमार को चिंता हुई तो विथलेश ने उन्हें बताया कि वह किसी तरह उनका काम निपटवा देगा। इसके बारे में न तो किसी को बताएं और न ही ईएसआईसी कार्यालय जाएं। इसके बाद मामले का निपटारा करने के नाम पर उसने सुशील कुमार से 8.39 लाख रुपये ले लिए। यही नहीं 70 हजार रुपये का चेक अपनी फीस के नाम पर भी ले लिया।

सुशील कुमार ने जब इसकी रसीद मांगी तो उसने यह नहीं दी। तब पता चला कि यह रिकवरी पत्र तो झूठा है। विथलेश ने जालसाजी कर बनाया था। आरोप यह भी हैं कि जब सुशील कुमार ने अपने पैसे वापस मांगे तो विथलेश ने उन्हें धमकियां भी दीं।

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