नालंदा राजकीय मुक्त विश्वविद्यालय पटना के पूर्व कुलपति प्रो.केएस राणा को कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति का चार्ज दिया गया है। बुधवार को राज्यपाल बेबी रानी मौर्य की सहमति के बाद सचिव रमेश कुमार सुधांशु की ओर से प्रो.राणा की तैनाती को लेकर आदेश जारी किए गए। हालांकि, उन्हें यह चार्ज छह माह एवं स्थायी कुलपति की नियुक्ति तक दिया गया है। प्रो.डीके नौड़ियाल का इस्तीफा स्वीकार होने के बाद कुमाऊं विवि के कुलपति का पद खाली हो गया था।
प्रो.राणा 2005 से जनवरी 2016 तक बीआर आंबेडकर विवि आगार में जंतु विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष रहे, उसके बाद वह 2016 से अब तक वन एवं पर्यावरण मंत्रालय भारत सरकार में विशेष सलाहकार के रूप में तैनात थे। उनके सौ से अधिक शोध पत्र राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय जरनलों में प्रकाशित हो चुके हैं। वहीं इनके निर्देशन में 40 से अधिक विद्यार्थी शोध कार्य कर चुके हैं। प्रो.राणा को देश-विदेश में कई अवार्ड भी मिल चुके हैं। प्रो.राणा बृहस्पतिवार दोपहर बाद कार्यभार ग्रहण करेंगे।
पहली बार अन्य राज्य के प्राध्यापक को मिला कुलपति का चार्ज
प्रो.डीके नौड़ियाल के कुलपति पद से इस्तीफा देने के बाद विवि के वरिष्ठ प्राध्यापक, आयुक्त कुमाऊं राजीव रौतेला और यूओयू के कुलपति प्रो.ओपीएस नेगी को चार्ज मिलने की चर्चाएं थी। वहीं विवि के इतिहास में पहले भी दो बार कुलपति के इस्तीफा देने के मामले सामने आए हैं। ऐसे में स्थायी कुलपति की तैनाती तक वरिष्ठ प्राध्यापक एवं आयुक्त को चार्ज दिया जा चुका है, लेकिन यह पहला मौका है जब कुलपति के इस्तीफा देने के बाद स्थायी कुलपति की नियुक्ति तक अन्य राज्य के प्राध्यापक को कुलपति का चार्ज दिया गया है।
-प्रो.केएस राणा, कुलपति कुमाऊं विवि।