फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिमागी बुखार से जुड़वा भाईयों की तबियत खराब, एक की मौत, दूसरे की हालत गंभीर

Thu, 16 May 2019 08:20 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी
विज्ञापन
विज्ञापन

सुशीला तिवारी अस्पताल में इलाज के दौरान बुधवार तड़के रुद्रपुर निवासी एक बच्चे की दिमागी बुखार से मौत हो गई, जबकि उसके जुड़वा भाई की स्थिति गंभीर है। उसे पीआईसीयू में रखा गया है। जुड़वा भाइयों को 11 मई को सुशीला तिवारी अस्पताल के बाल रोग वार्ड में भर्ती कराया गया था।

विज्ञापन


दोनों की स्थिति गंभीर होने पर पीडियाट्रिक्स इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) में रखा गया। बुधवार सुबह लगभग चार बजे इलाज के दौरान एक बच्चे ने दम तोड़ दिया।  सूत्रों की मानें तो दिमागी बुखार होने का संदेह डॉक्टरों को मंगलवार की शाम को हुआ। 

बाल रोग वार्ड के विभागाध्यक्ष डॉ. अजय आर्या का कहना है कि बच्चों में इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम के लक्षण मिले हैं। इसके कारण ही बच्चे की मौत हुई है। दूसरे की हालत भी गंभीर है। उन्होंने बताया कि वायरोलॉजी लैब में किट न होने के कारण जांच नहीं हो पा रही है। 
विज्ञापन


लैब तो है पर जांच के लिए किट नहीं 
दिमागी बुखार के मरीजों की जांच सुशीला तिवारी अस्पताल में नहीं हो पा रही है। अस्पताल में पिछले साल से ही वायरोलॉजी लैब शुरू हुई थी। इसके बाद दिमागी बुखार की जांच होने लगी थी। पिछले वर्ष दिमागी बुखार के पांच मामले आए थे और दो की मौत हुई थी।

इस बार लैब में किट न होने के कारण जांच नहीं हो पा रही है। इस संबंध में लैब की प्रमुख एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विनीता रावत ने बताया कि दिमागी बुखार का सीजन अभी नहीं आया है, इसलिए किट नहीं मंगाई गई है। अभी किट मंगाने पर एक्सपायर हो जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें