उत्तराखंड कांग्रेस में कई मुद्दों को लेकर गुटबंदी तेज हो गई है। पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं का एक गुट जहां मुख्यमंत्री हरीश रावत के पक्ष में लामबंद है, वहीं दूसरा गुट प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के पक्ष में।
कुछ पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं में प्रदेश अध्यक्ष उपाध्याय को राज्यसभा प्रत्याशी न बनाए जाने को लेकर भी रोष है। संगठन पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के बीच फैलती दरार ने मुख्यमंत्री और सरकार की मुसीबतें भी बढ़ा दी हैं। सरकार ने यदि समय रहते मतभेदों की दरार पाटने में तेजी न दिखाई तो इसका असर विधानसभा चुनाव में भी देखने को मिल सकता है।
वैसे तो मुख्यमंत्री हरीश रावत और प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय कांग्रेस में एकजुटता का दावा करते रहते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि पार्टी की अंदरूनी राजनीति में कुछ खिचड़ी जरूर पक रही है।