रविवार की रात शुरू हुई मूसलाधार बारिश से जुम्मा गांव के जामुनी और नालपोली तोक में जबर्दस्त भूस्खलन हुआ और सात मकान जमींदोज हो गए थे। जामुनी तोक में चंद्र सिंह धामी, उनकी पत्नी हाजरी देवी और तीन भतीजियां संजना, रेनू और शिवानी मलबे में दब गईं थी।
चंद्र सिंह के बड़े भाई जोगा सिंह ने पत्नी और दो बेटों के साथ सुरक्षित स्थान की ओर भागकर जान बचाई थी। मकान ध्वस्त होने से जुम्मा के नर सिंह, जयमती, दीया और अंजली घायल हो गई थी।
जुम्मा गांव के ही नालपोली तोक में सास-बहू मलबे में दब गईं थी। इसके अलावा, सुनीता देवी पत्नी दीपक सिंह और पार्वती देवी पत्नी लाल सिंह भी मकान ध्वस्त होने से मलबे में दब गए थे। जामुनी तोक के जोगा सिंह की तीन पुत्रियों संजना, रेनू व शिवानी के अलावा जामुनी की ही सुनीता देवी और नालपोली तोक की पार्वती देवी के शव बरामद हो गए थे। मलबे में दबे जामुनी तोक के चंद्र सिंह और उनकी पत्नी हाजरी देवी की ढूंढखोज की जा रही है। घायलों को उपचार के लिए हेलीकॉप्टर से धारचूला लाया गया है।
उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन के आह्वान पर मंगलवार को आशा कार्यकर्ता मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय कूच करने के लिए सितारगंज रोड स्थित नागरिक अस्पताल में एकत्र हुईं। यहां नैनीताल, अल्मोड़ा, हल्द्वानी, रुद्रपुर, किच्छा, सितारगंज, नानकमत्ता आदि क्षेत्रों से आशाएं पहुंचीं थीं।
आशा कार्यक र्ताओं ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय कूच करने के लिए जुलूस निकाला तो पुलिस प्रशासन ने उन्हें तहसील गेट पर रोक लिया। इस पर आशाओं एवं पुलिस प्रशासन में तीखी नोक-झोंक हुई। आशाएं तहसील गेट पर ही धरने पर बैठ गईं।
एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने शिष्टमंडल को सीएम से मिलाने का भरोसा दिलाया तो आशा कार्यकर्ता मान गईं। इसके बाद दोपहर तीन बजे प्रदेश अध्यक्ष कमला कुंजवाल के नेतृत्व में यूनियन का सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल खटीमा स्थित राइस मिल में बने हेलीपैड पर सीएम से मिला। आशाओं की बात सुनने के बाद सीएम ने 20 दिन में मांगों का शासनादेश जारी करने की बात कही। प्रतिनिधिमंडल में आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन के प्रदेश महामंत्री कैलाश पांडेय, इंद्रा देउपा, ममता पानू, गीता कश्यप, सरस्वती पुनेठा, लीला ठाकुर, कुलविंदर कौर, रिंकी जोशी, चंपा मेहता आदि उपस्थित थे।
सीएम धामी के आश्वासन पर आशाओं की हड़ताल खत्म
सीएम पुष्कर सिंह धामी के आश्वासन के बाद प्रदेश में 30 दिन से चल रही आशाओं की हड़ताल खत्म हो गई है। खटीमा में विरोध-प्रदर्शन करने के बाद उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष कमला कुंजवाल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से मिला। इस दौरान सीएम धामी ने घोषणा की कि 20 दिन में उनकी मांगें पूरी होने का शासनादेश जारी हो जाएगा। सीएम के आश्वासन बाद प्रदेश अध्यक्ष कमला कुंजवाल ने इसे एकजुटता की जीत बताया। कहा कि 20 दिन में शासनादेश जारी नहीं होने पर आशाएं पुन: आंदोलन के लिए बाध्य होंगी।