मसूरी के वीरगीरवाली में पेड़ काटने के मामले में फंसे उत्तराखंड के डीजीपी बीएस सिद्धू ने सच्चाई का पता लगाने के लिए ब्रेन मैपिंग और पॉलीग्राफ टेस्ट कराने का अनुरोध किया है।
उन्होंने अपने साथ ही वन अधिकारियों का ब्रेन मैपिंग और पॉलीग्राफ टेस्ट करने का अनुरोध भी किया है।
उत्तराखंड के डीजीपी ने ग्रीन ट्रिब्यूनल को यह गुजारिश अपने अधिवक्ता के माध्यम से भेजी है।
DGP ने मीडिया को जारी किया लिखित बयान
डीजीपी बीएस सिद्धू ने मंगलवार को इस संबंध में मीडिया को लिखित बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि इस मामले में उन्हें झूठा फंसाया जा रहा है।
वे भी चाहते हैं कि पूरा सच सामने आए कि पेड़ किसने और कैसे कटवाए।
इसीलिए उन्होंने अधिवक्ता के माध्यम से ग्रीन ट्रिब्यूनल से अनुरोध किया कि वन विभाग और पुलिस द्वारा दी गई चार्जशीट का अवलोकन कर साक्ष्यों का संकलन कर लिया जाए।
11 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
साथ ही वे झूठ पकड़ने वाली मशीन का सामना करने को भी तैयार हैं। ब्रेन मैपिंग और पॉलीग्राफ टेस्ट में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
नई दिल्ली के ग्रीन ट्रिब्यूनल में इस मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को होनी है। यह भी बता दें कि वन विभाग की चालानी रिपोर्ट के बाद पुलिस द्वारा डीएफओ समेत आठ लोगों के खिलाफ दी गई चार्जशीट पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी।
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