मौसम की मार अब ऊं पर्व के दर्शन के लिए जारी आदि कैलाश यात्रा पर भी पड़ी हैं। कुटी में रविवार को बादल फटने से इस यात्रा का रूट प्रभावित हो गए है।
कैलाश मानसरोवर के साथ ही इस यात्रा का आयोजन भी किया जाता है। रविवार को कुटी में बादल फटने से ज्योलिंगकांग के पास का पुल बह गया है। इसी पुल से होकर आदि कैलाश के यात्री ऊं पर्वत के दर्शन के लिए जाते हैं।
कैलाश मानसरोवर की यात्रा के साथ ही यह यात्रा शुरू होती है और ऊं पर्वत के कारण इस यात्रा पर जाने वालों की कमी भी नही है। आदि कैलाश धारचूला से करीब 100 किलोमीटर दूर है और यह यात्रा बेहद खूबसूरत दारमा, व्यास घाटियों से होकर गुजरती है। कुमाऊं मंडल विकास निगम ही इस यात्रा का आयोजन करता आया है।
इस बार भी यह यात्रा कैलाश मानसरोवर यात्रा के साथ शुरू हो गई थी। अब इस यात्रा पर जाने वाले यात्री ऊं पर्वत के फिलहाल दर्शन नहीं कर पाएंगे। वैसे यही पुल है जो आईटीबीपी को उनकी अग्रिम चौकियों से जोड़ता है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि आईटीबीपी जल्द ही इस पुल को बना लेगी। ऐसा हुआ तो आदि कैलाश यात्रियों को ऊं पर्वत के दर्शन करने का मौका मिल जाएगा।