वहीं डेंगू और मिलते जुलते लक्षणों वाले मरीज बढ़ने के साथ ही इसकी जांच के नाम पर कई निजी लैब संचालक मनमाना शुल्क वसूल रहे हैं। विभिन्न निजी पैथोलॉजी लैब में डेंगू की जांच का शुल्क अलग-अलग हैं। यही नहीं शुल्क के लिए लैब संचालक मोल-भाव करने को भी तैयार रहते हैं। ऐसे में आपसे कुछ कम शुल्क लिया जा सकता है।
इस बार देहरादून जिले में भी डेंगू के मरीज बढ़ रहे हैं। आजकल डेंगू से मिलते-जुलते लक्षणों वाला वायरल बुखार के भी मरीज ज्यादा आ रहे हैं। कोरोना संक्रमण के भी कुछ लक्षण डेंगू बुखार जैसे होते हैं। डॉक्टर बुखार के ज्यादातर मरीजों को भी डेंगू की जांच के लिए लिख रहे हैं। सरकारी से लेकर निजी अस्पतालों और पैथोलॉजी लैब में डेंगू की जांच कराने वाले मरीजों की भीड़ बढ़ रही है।
ऐसे में निजी लैब संचालक डेंगू की जांच के नाम पर 750 से लेकर 1400 रुपये तक वसूल रहे हैं। इसके अलावा तमाम निजी लैब के कलेक्शन सेंटर पर भी अधिक शुल्क लिया जा रहा है। अमर उजाला ने शहर के कुछ निजी पैथोलॉजी लैब और कलेक्शन सेंटर पर डेंगू की जांच के शुल्क की पड़ताल की। इनमें से कुछ लैब के शुल्क को प्रकाशित किया जा रहा है।
लैब के शुल्क:
- सहारनपुर चौक स्थित एक लैब के कर्मचारी ने रैपिड जांच का शुल्क 750 रुपये और एलाइजा जांच का 1100 रुपये बताया।
- राजकीय दून मेडिकल अस्पताल के समीप स्थित एक लैब के कलेक्शन सेंटर के कर्मचारी ने बताया कि एलाइजा जांच का शुल्क 1400 रुपये है।
- पटेलनगर स्थित एक निजी अस्पताल के कर्मी में एलाइजा जांच 1040 रुपये में होना बताया।
- कारगी चौक स्थित एक लैब के कर्मचारी ने बताया कि अगर लैब पर आएंगे तो एलाइजा जांच के 1200 रुपये और होम कलेक्शन के 1400 रुपये लगेंगे।
सरकारी अस्पतालों में डेंगू की रैपिड और एलाइजा जांच निशुल्क की जाती है। पिछले लगभग दो साल पहले सरकार ने निजी लैब में डेंगू की जांच का शुल्क तय किया था। इस बार ऐसे कोई आदेश नहीं मिले हैं। फिर भी निजी लैब संचालकों से कहा गया है कि डेंगू की जांच के लिए मनमाना शुल्क नहीं वसूला जाए। अगर कोई मनमाना शुल्क वसूलता है तो उन पर नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी।
-सुभाष जोशी, जिला वेक्टर जनित रोग अधिकारी