देहरादून। दस हजार रुपये देकर महज सात दिनों के बाद 16 हजार से ज्यादा की रकम वापस मांगी जा रही है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसको ब्लैकमेल और बदनाम किया जा रहा है।
दीपक कश्यप निवासी लाडपुर रायपुर रोड का कहना है कि 2020 में लॉकडाउन की वजह से स्कूल में सैलरी कट कर आने लगी। परिवार को चलाने के लिए ट्यूशन पढ़ाता था, लेकिन घर का खर्च नहीं चल पा रहा था। इसी परेशानी के चलते पर्सनल लोन के लिए नेट पर सर्च किया। एक दिन एक लिंक आया। जिसमें दो लाख रुपये के लोन की बात कही गई। लिंक खोलने पर आधार कार्ड और पैन नंबर और बैंक डिटेल मांगी गई। डिटेल देने के बाद बैंक खाते से 10 हजार रुपये भेजे। इसके सात दिन बाद 16,667 रुपये देने को कहा गया। दीपक का कहना है कि जब उसने सिर्फ सात दिनों में इतने पैसे देने की बात पर सवाल किया तो उसके साथ गालीगलौच और ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया गया। एक ग्रुप बना कर इज्जत खराब करने की धमकी देते हुए बदनाम किया जा रहा है।